Supreme Court में नितेश राणे के खिलाफ हेट स्पीच याचिका, सख्त दिशा-निर्देश की मांग

Malad के सामाजिक कार्यकर्ता जमील मर्चेंट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर विधायक नितेश राणे पर कथित हेट स्पीच के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर नफरत भरे कंटेंट पर सख्ती की मांग की गई है।
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Nitesh Rane (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Nitesh Rane Hate Speech Case: सुप्रीम कोर्ट में हेट स्पीच के मामले में मालाड के सामाजिक कार्यकर्ता जमील मर्चेंट द्वारा नितेश राणे के खिलाफ नई लिखित दलीलें पेश की गई हैं।

याचिका में उन्होंने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ लगातार भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया है और कोर्ट से सख्त दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की गईं है।

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट एजाज मकबूल के मार्फत जमील मर्चेंट ने कोर्ट को बताया कि नितेश राणे के खिलाफ पहले से ही हेट स्पीच के कई मामले दर्ज हैं, फिर भी उनके भड़काऊ भाषण जारी हैं। गत विधानसभा चुनाव के दौरान अपने हलफनामे में उन्होंने स्वीकार किया है कि उन पर कुल 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 20 मामले हेट स्पीच से जुड़े हैं।

एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। वाशिंगटन स्थित 'इंडिया हेट लैब' की 2025 की रिपोर्ट का हवाला देकर बताया है कि नितेश राणे को भारत में हेट स्पीच देने वाले प्रमुख नेताओं में गिना गया है।

हेट स्पीच की घटनाओं में 13% की हुई है वृद्धि

  • रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में हेट स्पीच की घटनाओं में 13% की वृद्धि हुई है। जमील मर्चेंट ने कोर्ट से हेट स्पीच रोकने के लिए कई सुझाव और मांगें रखी है। सांसदों और विधायकों द्वारा दिए गए हेट स्पीच के मामलों में जांच पूरी करने और चार्जशीट दाखिल करने के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की जाए।
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नफरत फैलाने वाले कंटेंट को हटाने के लिए जिम्मेदार बनाया जाए। मर्चेंट ने यह भी मांग की है कि अगर 3 मार्च 2024 वाली घटना में चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है, तो पुलिस को तुरंत चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया जाए।
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