भारत पर लगाए टैरिफ का है असर... ट्रंप ने पुतिन से बातचीत को लेकर किया बड़ा दावा

Donald Trump latest News: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ के चलते रूस के राष्ट्रपति पुतिन को अलास्का में बैठक करनी पड़ी।
भारत पर लगाए टैरिफ का है असर... ट्रंप ने पुतिन से बातचीत को लेकर किया बड़ा दावा
डोनाल्ड ट्रंप, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
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Trump Putin Meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में यूक्रेन संकट पर आज, 15 अगस्त को अहम बैठक होने वाली है। बैठक से पहले ट्रंप ने कहा कि भारत पर लगाए गए टैरिफ ने पुतिन से मिलने के उनके फैसले को प्रभावित किया।

फॉक्स न्यूज रेडियो के एक शो में ट्रंप ने बताया कि हर कदम का प्रभाव पड़ता है। भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने के कारण रूस को तेल की बिक्री में रुकावट आई। रूस एक बड़ा तेल उत्पादक है और भारत उसका दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक है। जब आप अपना दूसरा सबसे बड़ा ग्राहक और पहला संभावित ग्राहक दोनों खो देते हैं, तो इसका असर अनिवार्य रूप से पड़ता है।

भारत और पाकिस्तान को लेकर फिर दिया बयान

डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को रोकने का दावा किया है। गुरुवार को उन्होंने फिर से कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को टाल दिया। उनका कहना था कि अगर उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया होता तो परमाणु युद्ध जैसी स्थिति बन सकती थी।

पूरी दुनिया की नजरें इस मुलाकात पर

ट्रंप और पुतिन की होने वाली इस मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजरें हैं, क्योंकि इसका असर या तो युद्ध विराम पर पड़ेगा या महायुद्ध की आशंका बढ़ा सकता है। इसी बीच, यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष भी भड़क गया है। रूस ने यूक्रेन की एक मिसाइल फैक्ट्री को हवाई हमले में तबाह कर दिया, जो जर्मनी की मदद से मध्यम दूरी की मिसाइलें बना रही थी। यूक्रेन का कहना है कि रूस ने ड्रोन हमलों से कई शहरों को निशाना बनाया, जिससे नागरिक घायल हुए।

हवाई हमले शांति वार्ता के लिए बड़ी चुनौती

इस तनावपूर्ण स्थिति में, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि रूस युद्ध विराम के लिए तैयार नहीं हुआ, तो उसे "भयंकर परिणाम" भुगतने पड़ सकते हैं। अब देखना यह है कि यह मुलाकात यूक्रेन-रूस संघर्ष को शांति की ओर ले जाएगी या स्थिति को और बिगाड़ देगी। हवाई हमले शांति वार्ता के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

आगामी 24 घंटे को वैश्विक शांति के लिए अहम माना जा रहा है। अगर यह बैठक सफल नहीं होती है, तो रूस की मिसाइलें न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप में तबाही मचा सकती हैं, जिससे महायुद्ध का खतरा बढ़ जाएगा। पुतिन ने युद्धविराम की अपनी शर्तें भी स्पष्ट कर दी हैं, जिसमें उन्होंने यूक्रेन के कब्जे वाली भूमि को लौटाने से इंकार किया है।

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