- Hindi News »
- World »
- Pakistan New Provinces Plan Balochistan Kp Tensions Political Crisis
‘टुकड़ों’ में बंटने जा रहा है पाकिस्तान! इस ब्लूप्रिंट के लीक होते ही देश में मचा हड़कंप
- Written By: अमन उपाध्याय
Pakistan New Provinces: पाकिस्तान में एक बार फिर विभाजन का मुद्दा उभर आया है, लेकिन यह 1971 वाला राजनीतिक विघटन नहीं बल्कि प्रशासनिक पुनर्गठन का विवाद है। संचार मंत्री अलीम खान ने घोषणा की है कि...

‘टुकड़ों’ में बंटने जा रहा है पाकिस्तान, फोटो (सो. एआई)
Pakistan Political Crisis: पाकिस्तान में प्रांतों के पुनर्गठन को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। संचार मंत्री अब्दुल अलीम खान ने रविवार को ऐलान किया कि देश में छोटे-छोटे नए प्रांत निश्चित तौर पर बनाए जाएंगे। उनका दावा है कि इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और सरकारी सेवाओं की डिलीवरी में सुधार होगा। मगर कई विशेषज्ञ इस कथित सुधार को देश के लिए नया संकट बताते हैं।
भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद 1947 में पाकिस्तान में पांच प्रांत थे जिसमें ईस्ट बंगाल, वेस्ट पंजाब, सिंध, नॉर्थ-वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस (NWFP) और बलूचिस्तान। 1971 के मुक्तियुद्ध के बाद ईस्ट बंगाल स्वतंत्र होकर बांग्लादेश बन गया। इसके बाद NWFP का नाम बदलकर खैबर पख्तूनख्वा रखा गया, जबकि पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान पहले जैसे ही रहे।
इन प्रांतों को तोड़ेगी सरकार
अब, जब खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान दोनों ही अलगाववादी आंदोलनों से जूझ रहे हैं पाकिस्तान की ‘हाइब्रिड सरकार’ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इन प्रांतों को और छोटे हिस्सों में बांटने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सम्बंधित ख़बरें
170 यात्रियों से भरी एयर अरेबिया फ्लाइट में तकनीकी खराबी, कोच्चि में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग
PoK Protest: पाकिस्तान से आजादी की मांग, शहबाज और आसिम मुनीर को बताया आतंकी, PoK में प्रोटेस्ट हुआ तेज
कतर ने रखी थी गैस प्लांट बंद करने की डील! ईरान के इनकार से बची दुनिया, जानें पूरा मामला
Indian Ship Attack: ओमान हमले में 4 भारतीयों की मौत की खबर झूठी? विदेश मंत्रालय ने बताई सच्चाई
छोटे प्रांत, बेहतर शासन
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अलीम खान ने कहा है कि सिंध, पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान को तीन-तीन प्रांतों में बांटा जाएगा। उनका कहना है कि पड़ोसी देशों की तुलना में पाकिस्तान में प्रशासनिक इकाइयों की संख्या बेहद कम है और छोटे प्रांत बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित करेंगे। अलीम खान की पार्टी इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी शहबाज शरीफ सरकार का हिस्सा है। लेकिन सबसे बड़ा विरोध सिंध से आ रहा है।
PPP लंबे समय से सिंध के विभाजन का विरोध करती रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने साफ चेतावनी दी थी कि पार्टी किसी भी तरह के विभाजन को स्वीकार नहीं करेगी।
समस्या प्रांतों की संख्या नहीं
पूर्व नौकरशाह सैयद अख्तर अली शाह के अनुसार, प्रांतों का विभाजन एक संवेदनशील मुद्दा है और इसके लिए गहन संवैधानिक व ऐतिहासिक समीक्षा जरूरी है। वे कहते हैं कि पाकिस्तान ने पहले भी कई प्रशासनिक प्रयोग किए अय्यूब खान का दो-प्रांत मॉडल हो या बेसिक डेमोक्रेसी सिस्टमलेकिन इन प्रयोगों ने स्थितियों को बेहतर नहीं किया।
उनका कहना है कि पाकिस्तान की असल समस्याएं कमजोर संस्थाएं, असमान कानून-व्यवस्था और अप्रभावी स्थानीय शासन हैं। नए प्रांत बनाने से ये समस्याएं कम नहीं होंगी, बल्कि प्रशासनिक असमानता और बढ़ सकती है।
अहमद बिलाल महबूब ने दी चेतावनी
इसी तरह, थिंक टैंक PILDAT के अध्यक्ष अहमद बिलाल महबूब ने भी चेतावनी दी है कि नया ढांचा बनाना बेहद महंगा और राजनीतिक रूप से अस्थिर करने वाला हो सकता है। उन्होंने लिखा कि समाधान बड़े प्रांतों के विभाजन में नहीं, बल्कि स्थानीय निकायों को अधिकार देने में है जो पाकिस्तान में दशकों से उपेक्षित रहे हैं।
यह भी पढ़ें:- VIDEO: लंदन में बुरा फंस गए पाकिस्तान के गृहमंत्री, गाड़ी रोक पुलिस ने कर डाली भयंकर चेकिंग
क्या नए प्रांत हालात बिगाड़ेंगे?
विशेषज्ञों की राय लगभग एक समान है यदि पाकिस्तान अपने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत नहीं करता और स्थानीय शासन को प्रभावी नहीं बनाता, तो प्रांतों की संख्या बढ़ाने से देश की मौजूदा चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं। पाकिस्तान जिस समय आंतरिक सुरक्षा संकट और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा है, उस समय यह कदम देश के लिए राहत के बजाय नई परेशानियां पैदा कर सकता है।
Pakistan new provinces plan balochistan kp tensions political crisis
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
India vs Afghanistan: भारत ने टॉस जीतकर चुनी बॉलिंग, हर्ष दुबे और गुरनूर बरार का डेब्यू
Jun 13, 2026 | 05:45 PMवर्धा में अल्लीपुर और मॉडल हाईस्कूल के पास पुलिस की बड़ी रेड; MD ड्रग्स और गांजे के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
Jun 13, 2026 | 05:42 PMनौवीं की छात्रा से छेड़छाड़, आरोपी शेख साहिल गिरफ्तार, डर के मारे पीड़िता ने बना लिया था स्कूल छोड़ने का मन
Jun 13, 2026 | 05:40 PMनागपुर मनपा में किरीट सोमैया की बैठक पर कांग्रेस का सवाल, किस अधिकार से दिए निर्देश?
Jun 13, 2026 | 05:38 PMराज्यसभा चुनाव विवाद: सागर में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका
Jun 13, 2026 | 05:38 PMनियमित बिक्री के लिए जगह की कमी, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को नहीं मिलता उचित बाजार
Jun 13, 2026 | 05:37 PMचंद्रपुर में दादा ग्रीन ई-मोबिलिटी के EV बस चालकों की हड़ताल, वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सेवा पूरी तरह ठप
Jun 13, 2026 | 05:29 PMवीडियो गैलरी

Europe Mission पर PM Modi! क्यों बढ़ी दुनिया की नजर? क्या है भारत का सीक्रेट प्लान?
Jun 13, 2026 | 05:11 PM
घर में घुसकर मारेंगे… CM योगी ने दी कड़ी चेतावनी; रक्षा नीति में पुरानी सरकार की खोली पोल- देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:51 PM
गाजियाबाद में ‘जिम-जिहाद’ पर प्रशासन सख्त, पहचान छुपाने वाले ट्रेनरों में हड़कंप; देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:37 PM
MP में UCC पर आया नया अपडेट, CM मोहन यादव ने बैठक में लिया बड़ा फैसला; देखें VIDEO
Jun 13, 2026 | 01:19 PM
कानपुर से दिल्ली जा रहे मोहन भागवत की ट्रेन पर हमला! फिरोजाबाद स्टेशन के पास की घटना, देखें VIDEO
Jun 12, 2026 | 11:11 PM
जापान के बाद नेपाल ने भारतीय आमों पर लगाई रोक, आखिर क्या है असली वजह- VIDEO
Jun 12, 2026 | 11:06 PM














