शादी के मंडप की जगह चिता की आग: वर्दी में मंगेतर ने दी स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा को अंतिम विदाई, रो पड़ा गांव

Sukhoi-30 Crash Assam: हरियाणा के रोहतक जिले के ककराना गांव में कल जो मंजर था, उसने न केवल वहां मौजूद लोगों की आंखों को नम कर दिया, बल्कि पत्थर दिल इंसान को भी झकझोर कर रख दिया। जानिए सबकुछ-

Squadron Leader Anuj Sharma: आसमान की ओर उठती चिता की लपटें और चारों तरफ फैली एक असहज खामोशी उस गहरे दर्द की गवाही दे रही थी, जिसे शब्दों में पिरोना नामुमकिन है। इस भीड़ के बीच एक चेहरा ऐसा था, जिसने देश के प्रति कर्तव्य और व्यक्तिगत पीड़ा की एक ऐसी तस्वीर पेश की जो वर्षों तक याद रखी जाएगी।

वह महिला कोई और नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की वर्दी में तैनात स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा की मंगेतर थीं। एक तरफ जहां उन्हें अपने देश के वीर के बलिदान पर गर्व था, वहीं दूसरी ओर उनकी आंखों से बहते आंसू उस मोहब्बत के अधूरा रह जाने की टीस बयां कर रहे थे, जिसे चंद दिनों बाद शादी के पवित्र बंधन में बंधना था।

जब तिरंगे में लिपटकर घर लौटा लाडला

जब स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव ककराना पहुंचा, तो मानो पूरे इलाके की सांसें थम गईं। हवा में केवल सन्नाटा और सिसकियों की आवाजें थीं। जिस घर में शहनाई बजने की तैयारियां होने वाली थीं, वहां आज मातम का डेरा था। अनुज के पिता आनंद शर्मा, जो स्वयं भारतीय सेना से सूबेदार के पद से रिटायर हुए हैं, उनके लिए यह क्षण गौरव और असहनीय दुख का मिला-जुला अहसास था। अंतिम संस्कार के दौरान राजकीय सम्मान के साथ जब अनुज को विदाई दी गई, तो गांव के हजारों लोग अपने जांबाज सपूत को अंतिम बार देखने उमड़ पड़े। अनुज के छोटे भाई मनोज, जो इंग्लैंड में नौकरी करते हैं, भाई की शहादत की खबर मिलते ही तुरंत स्वदेश लौटे और उन्होंने ही अपने बड़े भाई को मुखाग्नि दी। माता-पिता की हालत देख हर किसी का कलेजा मुंह को आ रहा था, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस बहादुर मंगेतर की हो रही थी, जो वर्दी पहने अपने जीवनसाथी की चिता के सामने एक चट्टान की तरह खड़ी थी।

आसमान का वह काला गुरुवार: कैसे हुआ सुखोई फाइटर जेट क्रैश?

यह दुखद कहानी उस वक्त शुरू हुई जब असम के जोरहाट एयरबेस से भारतीय वायुसेना के गौरव माने जाने वाले सुखोई-30 एमकेआई (SU-30 MKI) लड़ाकू विमान ने एक नियमित अभ्यास उड़ान भरी थी। इस विमान में स्क्वाड्रन लीडर अनुज शर्मा के साथ फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुराखकर भी सवार थे। गुरुवार की उस शाम सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन शाम करीब 7:42 बजे अचानक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से विमान का संपर्क टूट गया और वह रडार से ओझल हो गया।

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