- Hindi News »
- World »
- Trump Iran War Tactical Nuclear Weapon Option Debate Analysis News
क्या ट्रंप ईरान पर गिराएंगे परमाणु बम? ‘टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन’ के इस्तेमाल पर छिड़ी बहस
- Written By: प्रिया सिंह
Tactical Nuclear Weapons: ईरान के खिलाफ युद्ध में ट्रंप द्वारा टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन के इस्तेमाल की चर्चा तेज है। 21वीं सदी में अमेरिकी सैन्य ढांचे के नुकसान के बाद कड़े विकल्प तलाशे जा रहे हैं।

ट्रंप द्वारा टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन के इस्तेमाल की चर्चा तेज (सोर्स-सोशल मीडिया)
US Tactical Nuclear Weapon Option: पश्चिम एशिया में जारी महाजंग के बीच अब एक ऐसी चर्चा शुरू हुई है जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को सरेंडर करने पर मजबूर करने के लिए परमाणु विकल्प का इस्तेमाल करेंगे? अमेरिकी सामरिक परमाणु हथियार विकल्प पर हो रही यह बहस उन परिस्थितियों का नतीजा है जहां हवाई हमलों के बावजूद ईरान झुकने को तैयार नहीं है। 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष ने अब एक ऐसे मोड़ पर दस्तक दी है जहां मानवता के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी दोहराई जा सकती है।
युद्ध का नया और खतरनाक मोड़
ईरान के साथ चल रही यह जंग अब अमेरिका और इजरायल के शुरुआती प्लान के मुताबिक नहीं चल पा रही है जिससे चिंता बढ़ गई है। ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और ऑपरेशन रोरिंग लॉयन का मुख्य उद्देश्य ईरानी सरकार की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को पूरी तरह खत्म करना था। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने सत्ता संभाल ली है जिससे यह संघर्ष और भी भीषण हो गया है।
टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन की चर्चा क्यों?
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि केवल हवाई हमलों के दम पर आज तक दुनिया में कहीं भी सत्ता बदली नहीं गई है। ट्रंप ने 2016 में ही अपने सलाहकारों से सवाल उठाया था कि अगर हमारे पास परमाणु हथियार हैं तो हम उनका इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकते? इसी सोच के तहत अब ‘टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन’ यानी TNWs के इस्तेमाल की संभावनाओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
ढाका में भगवान राम की विशाल प्रतिमा पर लगी रोक, धार्मिक स्वतंत्रता पर छिड़ी जंग; बांग्लादेश सरकार पर उठे सवाल
होर्मुज में जहाजों पर हुए हमले, अब भारत ने उठाया सख्त कदम; अमेरिकी राजनयिक को भेजा समन
Afghanistan: बुर्के के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर अंधाधुंध फायरिंग, मासूम सहित दो लोगों की मौत
सुलग रहा यूरोप: प्रवासियों के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों से बढ़ी चिंता, क्या भारतीयों का ‘यूरोपियन ड्रीम’ खतरे में?
हिरोशिमा और नागासाकी जैसी स्थिति
इतिहास गवाह है कि 80 साल पहले अमेरिका ने जापान को बिना शर्त सरेंडर कराने के लिए दो परमाणु बमों का सहारा लिया था। उन हमलों में लगभग 2,40,000 जापानी नागरिक मारे गए थे जिसके छह दिन बाद ही जापान ने अपनी हार को पूरी तरह स्वीकार किया था। आज ईरान की भौगोलिक स्थिति और उसकी मजबूत सैन्य तैयारी को देखते हुए अमेरिका फिर से उसी तरह के घातक प्रहार की योजना बना सकता है।
मोज़ेक स्ट्रैटेजी और ईरानी प्रतिरोध
ईरान ने ‘मोज़ेक स्ट्रैटेजी’ अपनाकर अपनी कमान और कंट्रोल को इतना फैला दिया है कि उसे बड़े हमलों से नष्ट करना बेहद मुश्किल है। उसके सस्ते शाहेद-136 ड्रोन, जिनकी कीमत मात्र $50,000 है, अमेरिका के $1 मिलियन से अधिक लागत वाले महंगे पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को छका रहे हैं। ईरान ने गल्फ देशों की अर्थव्यवस्था को निशाना बनाकर अमेरिका के सैन्य रडार और रक्षा कवच को भी काफी नुकसान पहुंचाया है।
यह भी पढ़ें: हथियारों का नया सौदागर बना यूरोप… सिपरी रिपोर्ट 2026 में रूस को पछाड़कर फिर बना महाशक्ति
परमाणु हमले के संभावित परिणाम
अगर अमेरिका वास्तव में परमाणु हथियार चलाता है तो इसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए बहुत ही डरावने और अनिश्चित साबित होंगे। पूर्व अधिकारी ट्रंप को ‘ऑफ-रैंप’ जीत का ऐलान करने की सलाह दे रहे हैं ताकि इस संभावित तबाही को समय रहते कूटनीति से रोका जा सके। फिलहाल सबकी नजरें ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वे मानवता को इस महाविनाश की आग में झोंकने का फैसला लेंगे।
Trump iran war tactical nuclear weapon option debate analysis news
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
सेजल की जगह शबाना होती तो अब तक बुलडोजर चल जाता…MBBS छात्रा की भद्दी कॉमेडी पर वारिस पठान का तीखा हमला
Jun 12, 2026 | 09:10 PMसागर के केसली से 14 जून को मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों को सौगात, CM मोहन यादव ट्रांसफर करेंगे 37वीं किस्त
Jun 12, 2026 | 09:01 PMचलती ट्रेन में चढ़ने लगा युवक, एक गलती से मौत के मुंह में पहुंचा! वायरल वीडियो देख कांप उठे लोग
Jun 12, 2026 | 08:54 PMबिग बॉस ओटीटी 3 के बाद फिर होस्टिंग करते दिखेंगे Anil Kapoor, इंडिया के टॉप 1% में होगी बुद्धि की असली परीक्षा
Jun 12, 2026 | 08:52 PMभोपाल ATS की बड़ी कार्रवाई, काजी कैंप से दबोचा गया संदिग्ध जिहादी; जानें क्या है पाकिस्तान कनेक्शन
Jun 12, 2026 | 08:46 PMDwidwadash Rajyog 2026: 13 जून को बन रहा है चमत्कारी द्विद्वादश राजयोग, इन राशि के जातकों पर बरसेगा धन
Jun 12, 2026 | 08:29 PMढाका में भगवान राम की विशाल प्रतिमा पर लगी रोक, धार्मिक स्वतंत्रता पर छिड़ी जंग; बांग्लादेश सरकार पर उठे सवाल
Jun 12, 2026 | 08:25 PMवीडियो गैलरी

काशी में फिर गरजा योगी का बुलडोजर, दालमंडी के व्यापारियों में मचा हड़कंप; एक साथ जमींदोज हुए कई मकान- VIDEO
Jun 11, 2026 | 09:17 PM
80% मुस्लिम कारीगर बनाते हैं कान्हा के कपड़े, ईद हो या जन्माष्टमी; एक साथ मनाते हैं त्योहार, VIDEO वायरल
Jun 11, 2026 | 09:05 PM
POK में जनता का फूटा गुस्सा, 1 करोड़ के इनामी युवा नेता सरदार अमन खान ने उड़ाई सेना की नींद, देखें VIDEO
Jun 11, 2026 | 08:52 PM
हर चुनाव में कैसे बाजी मारती है बीजेपी? पंकज चौधरी ने बताया पार्टी की सफलता का राज- VIDEO
Jun 10, 2026 | 11:05 PM
राष्ट्रपति ने तोड़ा प्रोटोकॉल, अधिकारी ने छुए पैर, अयोध्या के लाल की शहादत की कहानी सुन रो पड़ा देश- VIDEO
Jun 10, 2026 | 10:53 PM
Rajya Sabha Election: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर सुप्रीम कोर्ट दौड़ी कांग्रेस, क्या मिलेगी राहत?
Jun 10, 2026 | 10:38 PM













