मोदी-शहबाज को एक तराजू में तोल रहे जिनपिंग? जिसे बताया गया 'पॉवरफुल तस्वीर' उसी ने खोल दी पोल

Modi-Shehbaz in SCO Summit: तिनजुआन में SCO समिट के दौरान पीएम मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन समेत तमाम अन्य नेता एक मंच पर नजर आए। इस तस्वीर को एक पॉवरफुल तस्वीर करार दिया गया, लेकिन...
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जिनपिंग, मोदी व शहबाज (डिजाइन फोटो)
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PM Modi in SCO Summit: चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन समेत तमाम अन्य नेता एक मंच पर नजर आए। इस तस्वीर को एक पॉवरफुल तस्वीर करार दिया गया। लेकिन इसी तस्वीर में कुछ ऐसा भी दिखा जो भारत के लिए चिंता का सबब भी होना चाहिए।

तिआनजिन में आधिकारिक स्वागत समारोह के दौरान ये नेता एक फोटो फ्रेम में खड़े नजर आए। अब यह तस्वीर पूरी दुनिया में तेजी से वायरल हो रही है और राजनीतिक विश्लेषक इसके मायने तलाशने लगे हैं। कहा जा रहा है कि इस एक तस्वीर ने अमेरिका समेत अन्य शक्तिशाली देशों को एक कड़ा संदेश दिया है।

कौन-कौन हुआ समिट में शामिल

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक यूरेशियाई राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संगठन है। इसकी स्थापना 2001 में शंघाई में रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान की गई थी। बाद में भारत और पाकिस्तान 2017 में पूर्ण सदस्य बने, जबकि ईरान 2023 में इसमें शामिल हुआ।

तस्वीर क्यों बन गई चिंता का सबब?

इसी तस्वीर में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी दिखाई दिए। वह चाइनीज प्रेसिडेंट शी जिनपिंग और उनकी वाइफ पेंग लियुआन के बाईं तरफ चौथे नंबर पर खड़े नज़र आए। वहीं, राष्ट्रपति शी के दूसरी ओर दाहिनी तरफ पीएम मोदी भी चौथी पोजिशन पर ही दिखाई दिए।

SCO Summit China
SCO समिट में सभी नेता (सोर्स- सोशल मीडिया)

एक तराजू में मोदी और शहबाज?

इसके अलावा जब भारतीय पीएम बीते कल यानी शनिवार को चीन पहुंचे तो रेड कारपेट पर उनका स्वागत हुआ। वहीं, शहबाज शरीफ का भी चीन में रेड कारपेट पर ही स्वागत हुआ। जिसके बाद चर्चाएं यह चल रही हैं कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दोनों नेताओं यानी मोदी और शहबाज शरीफ को एक ही तराजू में तोला है।

मोदी-जिनपिंग की द्विपक्षीय वार्ता

हालांकि इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग ने सीमा विवाद के निष्पक्ष, उचित और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान की दिशा में काम करने पर ज़ोर दिया। साथ ही वैश्विक व्यापार को स्थिर करने की दिशा में काम करने का संकल्प भी लिया। एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर हुई बातचीत के दौरान मोदी और जिनपिंग इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देश प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि विकास में साझेदार हैं।

उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दोनों पक्षों के बीच मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए। दोनों नेताओं ने अमेरिकी टैरिफ नीति के कारण उत्पन्न आर्थिक उथल-पुथल के बीच वैश्विक व्यापार को स्थिर करने में अपनी अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका को भी स्वीकार किया।

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