नासिक में आवारा कुत्तों पर लगेगी लगाम, जिलाधिकारी कार्यालय में 19 दिसंबर को होगी विशेष बैठक

Nashik News: नासिक में कुत्तों के प्रबंधन और जन्म नियंत्रण पर 19 दिसंबर को जिलाधिकारी कार्यलय में बैठक होगी। नसबंदी, टीकाकरण, एंटी-रेबीज, और जोखिम क्षेत्रों की समीक्षा पर जोर दिया जाएगा।
Stray Dogs
आवारा कुत्ते (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nashik Stray Dog Management: कुत्तों के प्रबंधन को लेकर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी विशिष्ट मार्गदर्शक सूचनाओं के अनुसार नगर विकास विभाग ने 10 मई 2025 से 28 मई 2025 के दौरान जो शासन परिपत्रक जारी किए हैं, उनका कड़ाई से पालन अनिवार्य है।

स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण, पुनर्वास और क्षेत्र अनुसार वैज्ञानिक गणना इन सभी प्रक्रियाओं को न्यायालय द्वारा निर्धारित रूपरेखा में लाकर तुरंत तेजी से अमल में लाना आवश्यक है। इसी पृष्ठभूमि पर 19 दिसंबर को नासिक जिलाधिकारी कार्यालय में विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा हो सकती है।

शहरों में बढ़ते हमले

शहरों में नाबालिग बच्चों पर आवारा कुत्तों द्वारा हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसलिए व्यवस्था की कमियों की तत्काल समीक्षा कर जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना अत्यावश्यक है। स्कूल, आंगनवाड़ी, खेल मैदान और घनी बस्तियों के क्षेत्रों की जांच व निरीक्षण के लिए अलग कार्ययोजना की आवश्यकता है। इस विषय पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है।

पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम की गति

पशु जन्म नियंत्रण (Animal Birth Control) कार्यक्रम के अंतर्गत नसबंदी के लिए उपलब्ध केंद्रों की क्षमता, मनुष्यबल, वाहन व्यवस्था तथा संविदा संस्था के कामकाज का तकनीकी पुनरावलोकन कर नसबंदी की वास्तविक संख्या बढ़ाना आवश्यक है। क्षेत्र अनुसार कुत्तों की वैज्ञानिक गणना पूर्ण कर उसके अनुसार दैनिक लक्ष्य, मॉनिटरिंग सिस्टम और जिम्मेदार अधिकारी नियुक्त करना जरूरी है। जिन क्षेत्रों से शिकायतें अधिक हैं, उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देकर ABC हस्तक्षेप लागू करने पर भी बैठक में चर्चा हो सकती है।

ANTI-RABIES और IMMUNOGLOBULIN का साठा तथा उपचार व्यवस्था वर्तमान स्थिति में सरकारी अस्पतालों, नगरपालिका अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-रेबीज टीका और इम्युनोग्लोबुलिन के पर्याप्त साठे की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यावश्यक है।

दवाइयों का दैनिक स्टॉक रिपोर्ट जिला स्तर पर एकत्र की जाए और कमी पाए जाने पर नगर संस्थाओं से त्वरित पूरक मांग की जाए। कुत्ते के काटने की घटनाओं में नागरिकों को तुरंत उपचार मिले, इसके लिए अलग त्वरित सेवा-प्रोटोकॉल लागू करने की आवश्यकता है। इस विषय पर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हो सकती है।

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