मुनीर ने एक के बाद एक की लीबिया के आर्मी चीफ और PM के साथ बैठक, क्या खिचड़ी पका रहे हैं फील्ड मार्शल?

Pakistan Libya Relations: लीबियाई फील्ड मार्शल खलीफा हफ्तार ने रावलपिंडी में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से मुलाकात की, जिसमें सैन्य सहयोग और 4 अरब डॉलर की डील पर चर्चा हुई।
मुनीर ने एक के बाद एक की लीबिया के आर्मी चीफ और PM के साथ बैठक, क्या खिचड़ी पका रहे हैं फील्ड मार्शल?
लीबियाई सैन्य अधिकारियों के साथ पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistan-Libya Defence Deal: लीबियाई नेशनल आर्मी के कमांडर, फील्ड मार्शल खलीफा हफ्तार ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से रावलपिंडी में मुलाकात की। पाकिस्तान सेना ने सोमवार को बताया कि बैठक में दोनों पक्षों ने सैन्य सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह कुछ हफ्ते पहले दोनों देशों के बीच 4 अरब डॉलर की कथित हथियार डील के बाद हुई है। 

पाकिस्तान लीबिया के साथ अपने संबंध मजबूत करने और हथियार निर्यात बढ़ाने के प्रयास में लगा हुआ है। पाकिस्तानी मीडिया डॉन के अनुसार, हफ्तार पाकिस्तान प्रधानमंत्री ओसामा साद हम्माद के साथ आए थे। बैठक में दोनों पक्षों ने सैन्य सहयोग और जुड़ाव पर जोर दिया।

लीबिया-पाकिस्तान हथियार डील

हफ्तार का पाकिस्तान दौरा दिसंबर में फील्ड मार्शल मुनीर के बेंगाजी दौरे के करीब छह हफ्ते बाद हुआ। मुनीर के दौरे में इस्लामाबाद और लीबिया की पूर्वी सेना ने 4 अरब डॉलर से अधिक के बड़े रक्षा समझौते को अंतिम रूप दिया था। यह पाकिस्तान का अब तक का सबसे बड़ा हथियार निर्यात समझौता माना जा रहा है। इस डील के तहत पाकिस्तान, चीन के सहयोग से बनाए गए 16 JF-17 थंडर मल्टी-रोल फाइटर जेट, 12 मुश्शक ट्रेनर एयरक्राफ्ट और ड्रोन सहित अन्य सैन्य उपकरण लीबिया को सप्लाई करेगा। यदि यह डील पूरी तरह लागू होती है, तो यह किसी अरब देश को JF-17 फाइटर जेट का पाकिस्तान से पहला निर्यात होगा। पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही अपने हथियार दुनियाभर के देशों के बेचने की कोशिश कर रहा है, उस नजर पाकिस्तान के लिए यह एक बहुत बड़ी सफलता है।

लीबिया पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध

हालांकि पाकिस्तानी मीडिया का दावा है कि डील फाइनल हो चुकी है, लीबिया पर 2011 से संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंध हैं। हथियार ट्रांसफर के लिए यूएन से अनुमति लेना जरूरी है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान या लीबिया ने इस छूट के लिए आवेदन किया है या नहीं।

साथ ही, आसिम मुनीर ने दिसंबर 2025 में लीबिया दौरे के दौरान JF-17 जेट को “स्वदेशी तकनीक से बना विमान” बताया था, जबकि इसे चीन की मदद से बनाया गया है। इस तरह की दावे और अन्य सैन्य तकनीकी विवरणों को लेकर भी विवाद है।

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