जॉर्डन ने दिया ईरान को बड़ा धोखा! चुपके से तैनात किए 12 अमेरिकी फाइटर जेट, सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली पोल

F-15E Jordan Base: जॉर्डन ने ईरान के खिलाफ अपना बेस इस्तेमाल न करने का वादा किया था लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों ने मुवफ्फाक साल्टी एयरबेस पर 12 अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमानों की तैनाती का खुलासा कर दिया है।
ran betrayed Jordan! 12 American fighter jets secretly deployed, satellite images exposed the truth.
F-15 फाइटर जेट, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US fighter Jets In Jordan: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। एक तरफ जहां ओमान की राजधानी मस्कट में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु शांति समझौते को लेकर उच्च-स्तरीय बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ जॉर्डन की एक 'धोखे' वाली तस्वीर ने हड़कंप मचा दिया है।

हालिया सैटेलाइट इमेज से पता चला है कि जॉर्डन ने अपने एयरबेस पर अमेरिका के 12 घातक F-15E फाइटर जेट्स को चुपके से तैनात करने की अनुमति दे दी है।

आधिकारिक बयान और हकीकत में भारी अंतर

यह खबर इसलिए चौंकाने वाली है क्योंकि महज तीन दिन पहले ही जॉर्डन ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की थी कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी देश को अपना सैन्य आधार इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं देगा। लेकिन 'प्लैनेट लैब्स' द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों ने जॉर्डन के दावों की पोल खोल दी है। इन तस्वीरों में जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी वायु सेना अड्डे पर कम से कम एक दर्जन F-15E हमलावर विमान स्पष्ट रूप से तैनात देखे गए हैं।

ईरान पर दबाव बनाने की अमेरिकी रणनीति

जानकारों का मानना है कि इन लड़ाकू विमानों की तैनाती का समय बहुत महत्वपूर्ण है। अमेरिका और ईरान बिना किसी दबाव के बातचीत करने का दावा कर रहे हैं, लेकिन मस्कट में बातचीत की मेज के साथ-साथ जॉर्डन में युद्धक विमानों की मौजूदगी ने तेहरान पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिका ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि ईरान परमाणु शर्तों को नहीं मानता है, तो उस पर सैन्य हमला किया जा सकता है और यह हमला सबसे पहले जॉर्डन से ही शुरू होगा।

F-15E लड़ाकू विमानों की मारक क्षमता

सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण के अनुसार, तैनात किए गए F-15E फाइटर जेट्स हवा से हवा में लड़ाई करने और लंबी दूरी के ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम हैं। ये विमान दिन हो या रात, किसी भी मौसम में हमला कर सकते हैं। जॉर्डन से तेहरान तक का रास्ता इराक से होकर गुजरता है और अमेरिका ने इसी सामरिक दूरी को कवर करने के लिए इन विमानों को यहां तैनात किया है।

जॉर्डन और ईरान के बीच पुरानी रंजिश

ईरान और जॉर्डन के बीच राजनयिक संबंधों में खटास का इतिहास 1980 के दशक से है जब जॉर्डन ने ईरान-इराक युद्ध के दौरान इराक का समर्थन किया था। जून 2025 में भी जॉर्डन ने इजराइल को बचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। हालिया घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जॉर्डन आधिकारिक तौर पर चाहे जो भी कहे, लेकिन युद्ध की स्थिति में वह अमेरिका के साथ खड़ा है।

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