UAE से जॉर्डन तक अलर्ट पर अमेरिकी फाइटर जेट्स; 6 देशों के एयरबेस से शुरू होगा ईरान पर 'ऑल आउट वॉर'! हलचल तेज

US Iran War: अमेरिका ने ईरान की घेराबंदी के लिए खाड़ी क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती कर दी है। ओमान की खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोत की मौजूदगी और सहयोगी देशों के एयरबेस पर सैकड़ों लड़ाकू...
US fighter jets on high alert from the UAE to Jordan; 'All-out war' on Iran to be launched from airbases in 6 countries! Tensions escalate.
अमेरिका-ईरान में बढ़ा तनाव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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US Iran War Countdown: मध्य पूर्व में युद्ध की चिंगारी किसी भी वक्त बड़े धमाके में बदल सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले का मन बना लिया है और खाड़ी देशों में सैन्य तैनाती अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान को चारों तरफ से घेरने के लिए 360 लड़ाकू विमान और 3600 मिसाइलें हमले के लिए तैयार कर दी हैं।

समंदर से आसमान तक घेराबंदी

अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन ने ओमान की खाड़ी में अपनी पोजीशन ले ली है। इस बेड़े में अत्याधुनिक F-35C जेट, फाइटर विमान और AWACS टोही विमान शामिल हैं। इसके अलावा, स्पेन, साइप्रस, जॉर्डन, सऊदी अरब, कतर और UAE के विभिन्न एयरबेस पर अमेरिकी और ब्रिटिश लड़ाकू विमानों (टाइफून, F-15E, F-16) को 'स्पेशल अलर्ट' पर रखा गया है।

बंकर में छिपे खामेनेई, बेटे को मिली कमान

अमेरिकी हमले के सीधे खतरे को देखते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को एक सुरक्षित अंडरग्राउंड बंकर में शिफ्ट कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई ने पिछले तीन दिनों से कामकाज बंद कर दिया है और देश की कमान अपने सबसे छोटे बेटे मसूद खामेनेई को सौंप दी है जो अब रिवोल्यूशनरी गार्ड और सरकारी संस्थानों की निगरानी कर रहे हैं।

'फुल ब्लॉकेड' और सत्ता परिवर्तन

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ 'वेनेजुएला जैसा ऑपरेशन' शुरू करने की तैयारी की है। इसका मुख्य उद्देश्य ईरानी नौसेना को समंदर में पीछे धकेलना और पूर्ण आर्थिक घेराबंदी करना है। ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य केवल परमाणु संयंत्रों को नष्ट करना ही नहीं, बल्कि तेहरान के सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाकर ईरान में सत्ता परिवर्तन कराना है।'

इजरायल की बड़ी चेतावनी

युद्ध की गंभीरता को देखते हुए इजरायल के नागरिक विमानन विभाग ने विदेशी एयरलाइंस को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि यह क्षेत्र कभी भी संवेदनशील हो सकता है और एयरस्पेस बंद किया जा सकता है। इजरायली खुफिया रिपोर्टों का दावा है कि अमेरिकी सेना ईरान के पलटवार को रोकने और उसके बैलिस्टिक मिसाइल हमलों को नाकाम करने का अभ्यास भी पूरा कर चुकी है।