Foreign Exchange Reserves: भारत की तिजोरी में उमड़ा डॉलर का सैलाब! नया रिकॉर्ड बनते ही चीन-पाक की बढ़ी टेंशन

Foreign Exchange Reserves: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर के साथ-साथ तीन अन्य कारक भी शामिल हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत की फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) की कीमत लगभग 563 अरब डॉलर है।
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भारतीय विदेशी मुद्रा भंडार, (कॉन्सेप्ट फोटो)
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India Foreign Exchange Reserves: देश की अर्थव्यवस्था के लिए साल 2026 में कई सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। देश की तिजोरी में विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 30 जनवरी को समाप्त सप्ताह में देश के मुद्रा भंडार में 14.4 अरब डॉलर की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद यह बढ़कर 723.8 अरब डॉलर के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया।

भारतीय रिजर्व बैंक(RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी के फैसले घोषित किए। इसमें उन्होंने बताया कि विदेशी मुद्रा भंडार 30 जनवरी को 723.8 अरब डॉलर पर रहा जो 11 महीने के वस्तु आयात के लिए पर्याप्त है।

लगातार दूसरे सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में उछाल

इससे ठीक एक सप्ताह पहले, यानी 23 जनवरी को भी देश का विदेशी मुद्रा भंडार 8.05 अरब डॉलर बढ़कर 709.41 अरब डॉलर पर था। लगातार दो हफ्तों की इस भारी बढ़त ने भारतीय करेंसी रुपये को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई मजबूती दीहै। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि एक्सटर्नल सेक्टर के मोर्चे पर भारत मजबूत स्थिति में है। उन्होंने आगे कहा कि हम बाहरी वित्तीय जरूरतों को आसानी से पूरा करने को लेकर आश्वस्त हैं।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में चार कारक शामिल

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर के साथ-साथ तीन अन्य कारक भी शामिल हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत की फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) की कीमत लगभग 563 अरब डॉलर है। इसमें अमेरिकी डॉलर के साथ-साथ यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी ताकतवर मुद्राएं शामिल होती हैं। वहीं, भारत के पास 123 अरब डॉलर का भारी-भरकम स्वर्ण भंडार (Gold Reserve) भी मौजूद है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास आरक्षित निधि और विशेष आहरण अधिकार (SDR) भी इस भंडार में शामिल है।

GDP ग्रोथ रेट के अनुमान में बढ़ोतरी

बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) ग्रोथ रेट के अनुमान में बढ़ोतरी की है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेस में कहा कि अगले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ रेट 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि दूसरी तिमाही में यह 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। RBI ने दिसंबर में 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए रियल GDP ग्रोथ रेट 6.7 प्रतिशत और जुलाई-सितंबर के लिए 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था।

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