ढाका में चुनाव से पहले हिंसा: वेतन आयोग की मांग पर मोहम्मद यूनुस के घर के बाहर भारी बवाल

Bangladesh National Elections: बांग्लादेश के ढाका में सरकारी कर्मचारियों ने वेतन आयोग की मांग को लेकर मोहम्मद यूनुस के घर के बाहर हिंसक प्रदर्शन किया, जिसमें पुलिस लाठीचार्ज से कई लोग घायल हो गए।
Bangladesh Unrest: Protests Erupt Outside Mohammad Yunus's Residence Six Days Before Election
बांग्लादेश में वेतन आयोग की मांग पर मोहम्मद यूनुस के घर के बाहर भारी बवाल (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Muhammad Yunus Residence Protest: बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव से ठीक छह दिन पहले राजधानी ढाका में जबरदस्त हिंसा और विरोध प्रदर्शन की आग फिर से भड़क उठी है। सरकारी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक आवास 'जमुना' के बाहर जमकर हंगामा और नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई इस तीखी हिंसक झड़प में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं जिससे पूरे शहर में तनाव व्याप्त है। सुरक्षा बलों को बेकाबू होती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछारें, आंसू गैस और लाठीचार्ज जैसे कड़े रास्तों का सहारा लेना पड़ा।

वेतन आयोग की मांग

शुक्रवार की सुबह पूरे बांग्लादेश से बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी शहीद मीनार पर एकत्र हुए और वहां से अपना विरोध मार्च शुरू किया। उनकी प्रमुख मांग राष्ट्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट के आधार पर नए गजट को तुरंत लागू करना और नौवां राष्ट्रीय वेतनमान प्रदान करना है। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि वह उनकी आजीविका और बुनियादी जरूरतों से जुड़ी चिंताओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है।

पुलिस के साथ तीखी झड़प

सुबह करीब 11:30 बजे प्रदर्शनकारी शाहबाग इलाके में पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़कर जबरन मोहम्मद यूनुस के आवास की ओर बढ़ने लगे। भीड़ को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने पहले वाटर कैनन का उपयोग किया और फिर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने हेतु आंसू गैस के गोले छोड़े। जब हालात काबू से बाहर होने लगे तो पुलिस ने उग्र भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया जिसमें कई सरकारी कर्मचारी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

चुनाव पर संकट की चेतावनी

तनाव तब और बढ़ गया जब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से पूछा कि क्या वे चुनाव में गड़बड़ी फैलाने आए हैं। इस सवाल से भड़के सरकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर उन पर पुलिस की कार्रवाई जारी रही तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के हमलों के गंभीर राजनीतिक परिणाम होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी वर्तमान केयरटेकर सरकार की ही मानी जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था और मौजूदा स्थिति

फिलहाल शाहबाग और मुख्य सलाहकार के आवास 'जमुना' के आसपास के पूरे क्षेत्र को भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ सील कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि चुनावी माहौल में कानून-व्यवस्था को और बिगड़ने से रोका जाए। पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें किसी दूसरे स्थान पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि सुरक्षा घेरा बहाल किया जा सके।

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