2026 का सबसे बड़ा धमाका! इस्लामाबाद की 'कसर-ए-खदीजतुल कुबरा' मस्जिद में बिछीं लाशें; 31 से ज्यादा लोग मरे

Islamabad Mosque Blast Hindi: इस्लामाबाद में जुमे की नमाज के दौरान एक शिया मस्जिद में आत्मघाती धमाका हुआ। इस हमले में अभी तक 31 से अधिक लोगों की मौत की खबर मिली है।
The biggest attack of 2026! Bodies strewn across the 'Qasr-e-Khadijatul Kubra' mosque in Islamabad; more than 70 injured.
इस्लामाबाद ब्लास्ट की फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Pakistan Mosque Blast News Hindi: पड़ोसी देश पाकिस्तान की राजधानी शुक्रवार को एक भीषण आतंकी हमले से दहल उठी। इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित 'कसर-ए-खदीजतुल कुबरा' मस्जिद (इमाम बारगाह) में जुमे की नमाज के दौरान एक जोरदार आत्मघाती धमाका हुआ।

साल 2026 में इस्लामाबाद के भीतर यह अब तक का सबसे बड़ा और घातक हमला माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज 5 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।

कैसे हुआ धमाका?

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब 1:00 बजे की है जब बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए इकट्ठा हो रहे थे। पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी कि एक संदिग्ध आत्मघाती हमलावर मस्जिद के भीतर प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था। जब गेट पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे संदिग्ध पाया और जांच के लिए रोका तो उसने तुरंत खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। धमाका इतना भयंकर था कि मस्जिद की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और वहां चारों ओर शवों के अंग बिखर गए।

कितने लोग हुए हताहत?

इस भयावह हमले में अब तक 31 से ज्यादा लोगों की मौत होने की खबर सामने आई है जबकि 169 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने अभी तक आधिकारिक तौर पर 12 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है। घायलों को तत्काल उपचार के लिए राजधानी के प्रमुख अस्पतालों जैसे पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और सीडीए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। धमाके की गंभीरता को देखते हुए पूरे इस्लामाबाद में आपातकाल लागू कर दिया गया है और अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

निशाने पर शिया समुदाय

जिस मस्जिद को निशाना बनाया गया है वह शिया समुदाय का है। पाकिस्तान में शिया समुदाय की आबादी लगभग 2 करोड़ है जो कुल आबादी का 10-12 प्रतिशत हिस्सा है। इस्लामाबाद पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, हमलावर के तार अफगानिस्तान से जुड़े होने का संदेह है और इस हमले के पीछे प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान (TTP) का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकी समूह ने आधिकारिक तौर पर इस नरसंहार की जिम्मेदारी नहीं ली है।

सुरक्षा स्थिति और पुराना इतिहास

घटना के तुरंत बाद पाकिस्तानी सेना और पुलिस की भारी टुकड़ियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यह हमला सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है क्योंकि नवंबर 2025 में भी इस्लामाबाद कोर्ट के बाहर एक धमाका हुआ था जिसमें 12 लोग मारे गए थे। बार-बार राजधानी में हो रहे ये हमले सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

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