गाजा के लिए पाकिस्तान के साथ खड़ा हुआ बांग्लादेश; ट्रंप की 'शांति संधि' के तहत भेजेगा अपनी सेना

Trump Peace Plan: पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश भी गाजा में अपनी सेना तैनात करने को तैयार है। ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति संधि के तहत अमेरिकी अधिकारियों ने इस पेशकश को हरी झंडी दे दी है।
Bangladesh stands with Pakistan for peace in Gaza; will send its troops under Trump's 'peace agreement'.
बांग्लादेश पाकिस्तान संबंध, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Israel Hamas War News In Hindi: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक बड़ा कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पाकिस्तान के बाद अब भारत का पड़ोसी देश बांग्लादेश भी गाजा में अपनी सेना भेजने के लिए तैयार हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20 सूत्रीय गाजा शांति संधि के तहत सेना तैनात करने में बांग्लादेश ने अमेरिका को सहायता की पेशकश की है जिसे अमेरिकी अधिकारियों ने अपनी स्वीकृति दे दी है।

अमेरिकी अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक

इस महत्वपूर्ण सैन्य तैनाती की रूपरेखा बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) खलीलुर रहमान और अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों के बीच हुई एक बैठक में तय की गई। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और दक्षिण एशिया एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए अमेरिकी विशेष दूत भी उपस्थित थे। इस वार्ता के दौरान बांग्लादेश को गाजा में 'स्थिरता बल' (Stability Force) के लिए अपनी सेना तैनात करने हेतु अमेरिका से हरी झंडी मिल गई है।

ट्रंप की 20 सूत्रीय संधि

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति संधि के बाद गाजा में इजरायल और हमास के बीच जारी युद्ध अब थमने की स्थिति में है। इस संक्रमण काल के दौरान क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका ने पाकिस्तान सहित अन्य मुस्लिम देशों को मिलाकर एक 'संयुक्त बल' बनाने का आह्वान किया है। ऐसी प्रबल संभावना जताई जा रही है कि इसी संयुक्त बल के माध्यम से गाजा में हमास का निरस्त्रीकरण (Disarmament) करवाया जाएगा हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि होना अभी बाकी है।

क्षेत्रीय मुद्दों और पाकिस्तान से बढ़ती नजदीकी

NSA खलीलुर रहमान ने इस बैठक में केवल गाजा ही नहीं बल्कि बांग्लादेश के घरेलू और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी अमेरिकी अधिकारियों को जानकारी दी। चर्चा के मुख्य विषयों में बांग्लादेश के आगामी चुनाव, द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध और रोहिंग्या संकट शामिल रहे। इसके साथ ही, बांग्लादेश ने पाकिस्तान के साथ अपने बढ़ते संबंधों पर भी अमेरिका के साथ संवाद किया।

इजरायल का कड़ा रुख

जहां एक तरफ मुस्लिम देश गाजा में शांति बल भेजने की तैयारी कर रहे हैं वहीं इजरायल ने इसमें पाकिस्तानी सैनिकों की भागीदारी का कड़ा विरोध किया है। इजरायल का तर्क है कि वह ऐसे किसी भी देश के साथ सुरक्षा सहयोग नहीं करेगा जिस पर उसे पूर्ण भरोसा न हो। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बांग्लादेश की इस नई भूमिका पर इजरायल और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की क्या प्रतिक्रिया रहती है।

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