

Khawaja Asif Declared War Against Afghanistan: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर अपने चरम पर है। पाकिस्तानी वायु सेना ने शुक्रवार तड़के अफगानिस्तान की राजधानी काबुल, कंधार और पक्तिया में सैन्य ठिकानों, ब्रिगेड मुख्यालयों, गोला-बारूद डिपो और सैनिक पोस्टों पर बमबारी की है। पाकिस्तान ने इस अभियान को “ऑपरेशन गजब-लिल-हक” नाम दिया गया है।
इसी बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अपने सोशल-मीडिया पोस्ट में इस कार्रवाई को “खुला युद्ध” करार दिया है और कहा कि दोनों देशों के बीच अब औपचारिक संघर्ष शुरू हो गया है। उन्होंने लिखा कि नाटो बलों की वापसी के बाद अफगानिस्तान में शांति की उम्मीद थी, लेकिन तालिबान शासन ने देश को “भारत की कालोनी” बना दिया।
उन्होंने कहा, तालिबान ने आतंकवादियों को इकट्ठा किया और आतंकवाद निर्यात करना शुरू कर दिया। आसिफ ने यह भी आरोप लगाया कि तालिबान ने अफगान नागरिकों को मूलभूत अधिकारों से वंचित किया और महिलाओं के अधिकारों को छीन लिया।
ख्वाजा आसिफ ने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने सीमा पर स्थिति को सामान्य रखने के लिए कूटनीतिक और प्रत्यक्ष प्रयास किए, लेकिन अब “हमारे सब्र की सीमा पार हो चुकी है।” उन्होंने कहा, “अब हमारे और आपके बीच खुला युद्ध है… दमादम मस्त कलंदर होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने दशकों तक लाखों अफ़गानों को शरण दी है और आज भी कई अफगान पाकिस्तानी धरती पर जीवन यापन कर रहे हैं।
पाकिस्तानी सरकारी आंकड़ों के मुताहिक, इन हमलों में 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं, जबकि कई ठिकानों को नष्ट या कब्जा लिया गया है। यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब गुरुवार को तालिबान लड़ाकों ने पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर हमला कर दिया था।
अफगान पक्ष ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि पाकिस्तानी हमले उनके संप्रभुता का उल्लंघन हैं। अफ़गान रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसके सैनिकों ने पाकिस्तानी सैन्य पोस्टों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई की और कुछ चौकियों पर कब्ज़ा भी किया, जिसमें दर्जनों पाकिस्तानी सैनिक मरे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, और दोनों पक्षों के आंकड़ों में बड़ा अंतर है।
इस संघर्ष ने डूरंड लाइन के आसपास की सीमा को फिर से सबसे अधिक तनावपूर्ण मोड़ पर ला दिया है, जहां महीनों से झड़पें और आरोप-प्रत्यारोप जारी थे। संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों पक्षों से संयम बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।