
जेडी वेंस, डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Not Trust JD Vance and Tulsi Gabbard: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए सैन्य ऑपरेशन को लेकर नई रिपोर्ट्स में सवाल उठ रहे हैं। ब्लूमबर्ग ने दावा किया जा रहा है कि ट्रंप ने इस योजना की जानकारी उनके मुख्य अधिकारियों उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) तुलसी गबार्ड को दी गई थी। इसके बाद सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या उन्हें अपनी ही टीम के लोगों पर भरोसा नहीं है?
हालांकि, ब्लूमबर्ग की इस रिपोर्ट को जेडी वेंस ने पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि वे और तुलसी गबार्ड दोनों ही वेनेजुएला पर चल रहे ट्रंप प्रशासन के काम में शामिल थे और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों की नियमित बैठकों में भाग लेते थे। वेंस ने कहा कि उन्हें या गबार्ड को किसी भी ऑपरेशन से बाहर रखा गया, यह दावा पूरी तरह गलत है।
इसी तरह एक अन्य अमेरिकी अखबार ने दावा किय कि, इजरायल और ईरान के बीच 12 दिवसीय युद्ध के बाद से ही ट्रंप तुलसी गबार्ड और जेडी वेंस को राष्ट्रीय सुरक्षा पर लिए जाने वाले कुछ कोर फैसलों से बाहर रखते थे। रिपोर्ट में कहा गया कि तुलसी गबार्ड को इस मिशन की जानकारी इसलिए नहीं दी गई क्योंकि ट्रंप को भरोसा नहीं था कि वह इसे समर्थन देंगी। गबार्ड ने पहले ऐसे मिशनों को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई थी और उनका विरोध भी किया था।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि गबार्ड को महत्वपूर्ण बैठकों से बाहर रखना ट्रंप प्रशासन के अन्य अधिकारियों के लिए ज्ञात था। कुछ व्हाइट हाउस स्टाफ ने मजाक में कहा था कि गबार्ड के DNI पद का मतलब “डू नॉट इनवाइट” होना चाहिए।
यह भी पढ़ें: साइबर घोटाले का मास्टरमाइंड Chen Zhi गिरफ्तार, कंबोडिया से चीन प्रत्यर्पण के बाद खुलेगा अरबों का राज
जेडी वेंस ने पत्रकारों से कहा कि ऑपरेशन की योजना सरकार के भीतर बहुत सीमित लोगों के साथ बनाई गई थी और इसे लंबे समय तक गुप्त रखा गया। उन्होंने कहा, “मैंने सुना कि मुझे या तुलसी को वेनेजुएला ऑपरेशन की योजना से बाहर रखा गया, यह पूरी तरह गलत है। इस ऑपरेशन को हम वरिष्ठ कैबिनेट स्तर तक सीमित रखते हुए अंजाम दिया और मुझे इस पर गर्व है।”






