

US Air Force Secret Plane News In Hindi: दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अमेरिका से एक ऐसी खबर आई है जिसने सबको हैरान कर दिया है। अमेरिकी वायुसेना का सबसे सीक्रेट विमान, बोइंग E-4B नाइटवॉच, जिसे दुनिया आम भाषा में 'डूम्सडे प्लेन' के नाम से जानती है इसे हाल ही में वॉशिंगटन डीसी के करीब मैरीलैंड में देखा गया है। खास बात यह है कि अपने 51 साल के इतिहास में यह विमान बहुत कम ही सार्वजनिक रूप से इस तरह देखा गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विमान ने नेब्रास्का स्थित अपने पुराने बेस से उड़ान भरी और वॉशिंगटन डीसी के बेहद करीब पहुंचा। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा नहीं की गई है लेकिन इसकी मौजूदगी को एक बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह हलचल तब हुई है जब अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर कार्रवाई और रूस के जहाज को जब्त करने के बाद वैश्विक तनाव चरम पर है।
E-4B नाइटवॉच कोई साधारण यात्री जहाज नहीं है। इसे खास तौर पर परमाणु युद्ध या किसी बड़े राष्ट्रीय संकट के समय सरकार और सेना की कमान संभालने के लिए तैयार किया गया है। अगर जमीन पर मौजूद पेंटागन या अन्य कमांड सेंटर नष्ट हो जाते हैं, तो यह विमान एक 'नेशनल एयरबोर्न ऑपरेशंस सेंटर' के रूप में काम करता है। यहीं से राष्ट्रपति और रक्षा मंत्री पूरी दुनिया में मौजूद मिसाइल सिस्टम और पनडुब्बियों को निर्देश दे सकते हैं।
E-4B को इस तरह तैयार किया गया है कि परमाणु विस्फोट के बाद निकलने वाली तीव्र रेडिएशन और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) का भी इस पर असर नहीं होता। इसके इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं और किसी भी हालात में काम करना बंद नहीं करते।
यह विमान हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता रखता है जिससे यह कई दिनों तक लगातार मिशन पर रह सकता है। बिना रुके यह करीब 12 घंटे तक उड़ान भरने में सक्षम है।
विमान के ऊपर लगे विशेष रैडोम में 67 सैटेलाइट डिश और एंटेना मौजूद हैं। इसी वजह से यह एक चलता-फिरता कमांड और कंट्रोल सेंटर बन जाता है, जिसकी संचार शक्ति एयरफोर्स वन से भी अधिक मानी जाती है।
E-4B के अंदर लगभग 112 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसमें ब्रीफिंग रूम, बैटल स्टाफ के लिए अलग कक्ष और रक्षा मंत्री के लिए निजी केबिन जैसी विशेष सुविधाएं भी मौजूद हैं।
बेहद खर्चीला और मुस्तैद इस विमान को उड़ाना कोई मामूली बात नहीं है। इसे उड़ाने का खर्च करीब 1.6 लाख डॉलर (1.4 करोड़ रुपये) प्रति घंटा आता है। एक E-4B की लागत 223 मिलियन डॉलर से भी अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी उड़ानें स्टाफ की तैयारी के लिए हो सकती हैं लेकिन वर्तमान वैश्विक स्थिति को देखते हुए इसे एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।