अफगानिस्तान में पाकिस्तान की भीषण एयरस्ट्राइक: काबुल और कंधार में सैन्य ठिकाने तबाह, छिड़ी जंग

Airstrikes In Afghanistan: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और पक्तिया में एयरस्ट्राइक कर सैन्य ठिकानों को तबाह किया है, जिससे सीमा पर तनाव चरम पर पहुंच गया है और जंग जैसे हालात बन गए हैं।
Strategic Airstrikes: Pakistan Hits Key Military Bases in Afghanistan Amid Escalating Border War
अफगानिस्तान में पाकिस्तान की भीषण एयरस्ट्राइक (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pakistan Military Strikes Afghan Cities: दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी मुल्कों, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है जहां आसमान से बरसते गोलों ने शांति की उम्मीदों को धुंधला कर दिया है। सीमा पर जारी झड़पों और चौकियों पर कब्जे की खबरों के बीच पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों को निशाना बनाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इस सैन्य कार्रवाई ने न केवल निर्दोष नागरिकों के मन में दहशत पैदा कर दी है, बल्कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक रिश्तों को भी पूरी तरह से पटरी से उतार दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस जलती आग को शांत करने के लिए आगे आएगा या यह विवाद एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले लेगा।

सैन्य ठिकानों पर जोरदार हमला

पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार तड़के अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कंधार और पक्तिया जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में भीषण एयरस्ट्राइक की है जिससे भारी नुकसान की खबरें आ रही हैं। सरकारी ब्रॉडकास्टर पीटीवी न्यूज के अनुसार इस हमले में काबुल के दो ब्रिगेड हेडक्वार्टर और कंधार के एक कॉर्प हेडक्वार्टर के साथ-साथ एम्युनिशन डिपो को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। हालांकि तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए इसे एक डरपोक हरकत बताया है और दावा किया है कि इसमें फिलहाल कोई हताहत नहीं हुआ है।

विवाद की जड़ और जवाबी कार्रवाई

यह तनाव तब और बढ़ गया जब अफगानिस्तान ने दावा किया कि उसने पिछले रविवार को पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में सीमा पार जवाबी हमले कर 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया था। अफगान सरकार का कहना है कि इन झड़पों में करीब 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जिसके बाद पाकिस्तान ने अपनी रक्षा और शांति बनाए रखने के नाम पर यह बड़ी सैन्य कार्रवाई की है। दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी डूरंड लाइन लंबे समय से विवाद का केंद्र रही है जिसे अफगानिस्तान ने कभी भी औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है।

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नेताओं की प्रतिक्रिया और भविष्य

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि उनकी सेना का जवाब पूरी तरह मजबूती के साथ है और जो शांति को कमजोरी समझेंगे उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा। दूसरी ओर अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान को अपनी पुरानी नीतियों को बदलकर अच्छे पड़ोसी का रास्ता चुनना चाहिए। फिलहाल डूरंड लाइन पर स्थिति काफी अस्थिर बनी हुई है और दोनों पक्षों के दावों के बीच असल नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल है।

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