A सर्टिफिकेट फिल्म ‘धुरंधर’ बच्चों के साथ देखने पहुंचे पैरेंट्स, बीच शो रोका गया; वीडियो वायरल

Theatre Incident Viral Video A सर्टिफिकेट फिल्म ‘धुरंधर’ को बच्चों के साथ देखने पहुंचे परिवार को भोपाल के एक थिएटर में बीच शो रोककर बाहर निकाल दिया गया, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
A family with children was stopped mid-show while watching A-rated film Dhurandhar in Bhopal.
वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट। (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Bhopal Theatre Viral Video : अक्सर लोग फैमिली के साथ मूवी देखने से पहले यह नहीं देखते कि फिल्म किस कैटेगरी की है। इसी लापरवाही का एक मामला भोपाल से सामने आया है, जहां A सर्टिफिकेट वाली फिल्म ‘धुरंधर’ देखने के लिए एक परिवार 4-5 बच्चों के साथ थिएटर पहुंच गया।

यह घटना भोपाल के आशिमा मॉल की बताई जा रही है, जहां ऑनलाइन टिकट बुक कर फैमिली ने शो देखा शुरू किया। लेकिन जैसे ही थिएटर स्टाफ को बच्चों की मौजूदगी का पता चला, फिल्म को बीच में ही रोक दिया गया। इसके बाद हॉल में हंगामा शुरू हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

A सर्टिफिकेट के बावजूद बच्चे को थिएटर में लेकर पहुंचे पैरेंट्स

दरअसल, ‘धुरंधर’ CBFC से A सर्टिफिकेट प्राप्त फिल्म है, जिसका मतलब है कि इसे केवल 18 साल या उससे अधिक उम्र के दर्शक ही देख सकते हैं। नियमों के मुताबिक बच्चों का इस तरह की फिल्म देखना प्रतिबंधित है। वायरल वीडियो के मुताबिक, थिएटर की एंट्री पर परिवार को रोका भी गया था, लेकिन कथित तौर पर बहस के बाद वे अंदर घुस गए।

जब शो के दौरान मामला सामने आया तो थिएटर मैनेजमेंट ने फिल्म रोक दी और परिवार को बाहर निकाल दिया। इस दौरान पैरेंट्स और स्टाफ के बीच तीखी बहस भी हुई, लेकिन अंत में नियमों के तहत उन्हें हॉल से बाहर जाना पड़ा।

लोगों ने इसे पैरेंट्स की लापरवाही बताया

यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @kuldeep_jain_shri_ji_official नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। पोस्ट के जरिए अन्य माता-पिता को चेतावनी दी गई है कि बच्चों के साथ फिल्म देखने से पहले उसका सर्टिफिकेट जरूर जांच लें। वीडियो को अब तक 7 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

कुछ यूजर्स थिएटर के फैसले को सही बता रहे हैं, तो कुछ पैरेंट्स की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि फिल्म सर्टिफिकेशन सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों की मानसिक सुरक्षा के लिए जरूरी नियम है।

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