
लखनऊ में मीडिया के समक्ष अपनी बात रखते सपा प्रमुख अखिलेश यादव। इमेज-सोशल मीडिया
Akhilesh Yadav On Election Commission : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निर्वाचन आयोग और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में निष्पक्ष चुनाव की लोकतांत्रिक परंपरा खतरे में है। लखनऊ में आज अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब एक स्वतंत्र संस्था के बजाय भाजपा के सहयोगी दल की तरह काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की काली करतूतों के कारण समाजवादी पार्टी को मजबूर होकर काला कोट पहनना पड़ा और न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के कार्यालय पर भाजपा का झंडा लगा देना चाहिए।
अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को देश का सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि चुनाव नियमों की धारा 31 और 32 का खुला उल्लंघन किया जा रहा। उन्होंने दावा किया कि फॉर्म 7 के जरिए फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगवाकर विपक्षी मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। अपनी बात को पुष्ट करने के लिए उन्होंने नंदलाल नाम के व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश किया। अखिलेश ने बताया कि भाजपा ने नंदलाल के फर्जी हस्ताक्षर का दावा किया था, जबकि हकीकत है कि नंदलाल केवल अंगूठे का निशान लगाते हैं। सपा प्रमुख ने नंदलाल को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और उनके घर में मंदिर निर्माण में सहयोग करने का भी ऐलान किया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार के बजट और आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और विकसित भारत के नाम पर देश का पूरा बाजार चुनिंदा पूंजीपतियों और मल्टीनेशनल कंपनियों के हवाले किया जा रहा है। अखिलेश ने चुनाव आयोग के कामकाज में पारदर्शिता की मांग करते हुए पूछा कि आयोग जो सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर रहा, उसका नियंत्रण और बैक ऑफिस संचालन किसके हाथ में है?
आज लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस में हमने लोकतंत्र बचानेवाले बहादुर ‘नंदलाल’ को जनता के सामने लाकर भाजपा द्वारा विपक्ष के ख़ासतौर से पीडीए में शामिल अल्पसंख्यकों के वोट काटने के षड्यंत्र का भंडाफोड़ किया है। भाजपाइयों ने नंदलाल के हस्ताक्षर करवाकर फ़ार्म 7 के सैकड़ों फ़र्ज़ी दस्तावेज़… pic.twitter.com/F4FbW84Saz — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 8, 2026
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अखिलेश ने महंगाई के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि आज मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए बेटियों की शादी करना दूभर हो गया है, क्योंकि सोना और राशन सबकुछ पहुंच से बाहर है। उन्होंने जेलों से अपराधियों के भागने और नशे के अवैध कारोबार को सरकारी संरक्षण मिलने का आरोप लगाया। अखिलेश ने उन बीएलओ (BLO) की सराहना की जो दबाव और धमकियों के बावजूद लोकतंत्र की रक्षा के लिए डटे हुए हैं। उन्होंने मांग की कि धांधली को रोकने के लिए फॉर्म-7 की कार्रवाई तुरंत निरस्त कर केवल फॉर्म-6 की प्रक्रिया अपनाई जाए।






