UP चुनाव में होगी 'लेडी ओवैसी' की एंट्री? अखिलेश के मुस्लिम नेताओं की उड़ी नींद, 2027 के लिए बिछ गई नई बिसात!

UP Politics: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। सत्ता के गलियारों में सियासी कानाफूसी हो रही है। राजनैतिक रणनीतियां बन रही हैं और नामों पर चर्चा हो रही है।
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सैयदा फलक (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Syeda Falak: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। सत्ता के गलियारों में सियासी कानाफूसी हो रही है। राजनैतिक रणनीतियां बन रही हैं और नामों पर चर्चा हो रही है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी एक ऐसी चाल चलने की तैयारी में हैं जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों में हलचल मच सकती है।

राजनीतिक गलियारों में यह खबर ज़ोरों पर है कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन आने वाले चुनावों में अपनी सबसे तेज-तर्रार और बेबाक महिला नेता सैयदा फलक को मैदान में उतारने की योजना बना रही है। सैयदा फलक के नाम का जिक्र होते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में पारा चढ़ गया है।

बयान से हंगामा मचा चुकी हैं सैयदा

सैयदा फलक वही महिला हैं जिन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का जिक्र करते हुए एक बयान दिया था, जिससे राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई थी। उन्होंने कहा था कि एक दिन हिजाब और बुर्का पहनने वाली महिला इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी, क्योंकि भारत किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं है।

सैयदा को कहा जाता है लेडी ओवैसी

इस बयान के बाद से सैयदा फलक AIMIM के सबसे मजबूत महिला चेहरे के तौर पर उभरी हैं। उन्हें AIMIM के लीडर्स लेडी ओवैसी कहकर भी बुलाते हैं। क्यों सैयदा के बयानों की धार हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी से कम तीखी नहीं रहती है।

कैराना से चुनाव लड़ेंगी सैयदा फलक!

उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि AIMIM सैयदा फलक को कैराना लोकसभा सीट से मैदान में उतार सकती है। उनका सीधा मुकाबला मौजूदा समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन से होने की संभावना है। असदुद्दीन ओवैसी खुद इस रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं और कैराना सीट AIMIM के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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सैयदा फलक (सोर्स- सोशल मीडिया)

बिहार चुनाव में हो चुका है मुकाबला

इससे पहले बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त असदुद्दीन ओवैसी ने सैयदा फलक को सीमांचल में चुनाव प्रचार के लिए उतारा था। तब वहां समाजवादी पार्टी की विधायक इकरा हसन भी राष्ट्रीय जनता दल और महागठबंधन के लिए समर्थन जुटाने के लिए पहुंची थीं।

ओवैसी ने तैयार कर ली है रणनीति

सूत्रों के अनुसार ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में लंबी राजनीतिक पारी के लिए पहले ही तैयारी कर ली है। AIMIM इस साल (2026) होने वाले जिला पंचायत चुनावों में सभी 75 जिलों में उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है। पार्टी का लक्ष्य जमीनी स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करना और मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट करने के साथ-साथ दूसरे समुदायों तक भी पहुंच बनाना है।

इसके बाद AIMIM 2027 के विधानसभा चुनावों में 200 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। हालांकि यूपी में सिर्फ 134 सीटों पर मुस्लिम बाहुल्य हैं। लेकिन पार्टी का मानना ​​है कि उसकी राजनीति सिर्फ एक समुदाय तक सीमित नहीं है। सैयदा फलक जैसी मजबूत नेता को आगे लाकर AIMIM उत्तर प्रदेश में एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर करने के मूड में दिख रही है।

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