-
बुध, 8 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Uttar Pradesh »
- Mayawati Action On Nephew Akash Anand
BSP Future : मायावती को सताने लगा था ये डर, इसलिए रिश्तों को भी कर दिया ‘कुर्बान’
- Written By: विजय कुमार तिवारी
बसपा सुप्रीमो मायावती के फैसले को उनकी राजनीतिक दूरदर्शिता माना जा रहा है और कहा जा रहा है कि पार्टी को टूटने से बचाए रखने के लिए दिल पर पत्थर रखकर फैसला लिया है। मायावती जानती हैं कि पार्टी में भरोसेमंद लोग कम बचे हैं।

बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती के साथ आकाश ( फाइल फोटो)
नवभारत डेस्क : बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती अक्सर अपने फैसलों से लोगों को चौंकाता रही हैं एक बार फिर उन्होंने आकाश आनंद को लेकर जो फैसला किया है, उसको लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। ऐसा माना जा रहा है कि आकाश आनंद को चुनाव के दौरान अपने बड़बोलेपन का खामियाजा भुगतना पड़ा। इतना ही नहीं मायावती ने आकाश आनंद को सारे पदों से हटाने का फैसला इसलिए किया पार्टी दो टुकड़ों में बंटने से बच जाए, क्योंकि जिस तरह से बसपा के भीतर एकबार फिर से नाराजगी के भाव उभरने लगे थे, उससे यह साफ-साफ पता चल रहा है कि अगर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने पार्टी को नहीं संभाला तो पार्टी में एक और टूट हो जाएगी।
आपने देखा कि बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने 1 साल के भीतर अपने भतीजे आकाश आनंद की जिस तरह से पार्टी में ताजपोशी की और उसी तरह से बड़े बुरे अंदाज में उनको पद से हटाकर झटका भी दे दिया। ऐसा आपने पहले भी देखा होगा कि घर के बड़े बुजुर्ग किसी से खुश होकर जब उन्हें कोई जिम्मेदारी सौंपते थे तो उनकी कुछ हरकतों पर नाराज होकर उनका तत्काल बाहर का रास्ता भी दिखा दिया करते थे। कुछ ऐसा ही बहुजन समाज पार्टी के मुखिया मायावती ने किया।
मायावती ने आकाश आनंद को बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय समन्वयक और उत्तराधिकारी के पद से हटाकर यह स्पष्ट कर दिया कि जब तक वह जीवित रहेंगी, पार्टी के सारे मामले स्वयं देखेंगी। इससे ये बात साफ हो गयी कि पार्टी लेवल के फैसले अब केवल मायावती ही लेंगी। कोई और इसमें दखलंदाजी नहीं कर पाएगा।
सम्बंधित ख़बरें
राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम चढ़ावा मामले में मायावती का बड़ा बयान, कहा- नेताओं से भी मांगे जाएं सबूत
‘दोषियों को कतई न बख्शें…’, राम मंदिर चोरी मामले पर मायावती की दो टूक; बोलीं- राजनीतिकरण करना ठीक नहीं
UP Election 2027: सीट शेयरिंग पर INDIA गठबंधन में खिंचतान, कांग्रेस ने खुद को बताया बड़ा भाई; बात बराबर पर आई
भतीजे के मोह में फंसीं ममता इंदिरा जैसी कर रहीं भूल, मायावती से सीख लेने की सलाह; रशीद किदवई का बड़ा दावा
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती (फाइल फोटो)
जानकारों की मानें तो मायावती के इस फैसले के बाद पार्टी की आगे की राह आसान नहीं है। अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद के समर्थकों को यह फैसला रास नहीं आएगा, जिसकी वजह से पार्टी दो धड़ों में बंट सकती है। बता दें कि हरियाणा के बाद आकाश को दिल्ली विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसमें मायावती की अनुमति के बिना अशोक सिद्वार्थ पहुंचकर हस्तक्षेप करने लगे थे। अशोक सिद्धार्थ के पास दक्षिण के राज्यों की जिम्मेदारी थी, लेकिन वह खुद को मायावती का करीबी रिश्तेदार बताकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को धमकाने लगे थे।
कहा जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में बसपा नेताओं के लिए कुछ बड़े लेवल की शादियां मुसीबत बन गई हैं। कहा जा रहा है कि सबसे पहले वरिष्ठ नेता मुनकाद अली के बेटे की शादी में शामिल होने पर पार्टी के कई नेताओं पर कार्रवाई की गई थी। साथ ही साथ अशोक सिद्धार्थ के बेटे की शादी जब आगरा में हुई तो वहां आकाश आनंद तो मौजूद रहे, लेकिन बसपा सुप्रीमो ने शादी के कार्यक्रम से अपनी दूरी बनाए रखी। मायावती जानती थीं कि इस शादी में अशोक सिद्धार्थ अपना शक्ति प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन यही शादी उनके लिए मुसीबत बन गयी।
बहुजन समाज पार्टी की मुखिया ने रविवार को पार्टी सहयोगियों को एक सख्त संदेश देते हुए कहा कि किसी भी दल में अगर टॉप लीडरशिप में आपसी झगड़ा चल रहा होता है तो पार्टी का भला नहीं होता है। टॉप लीडरशिप कमजोर नहीं होनी चाहिए। ऐसा माना जा रहा है कि बहुजन समाज पार्टी के टॉप लेवल पर कमजोरी का फायदा अन्य दलों ने उठाया है और पार्टी धीरे-धीरे कमजोर होती गई है। अब यह माना जा रहा है कि बहुजन समाज पार्टी के मुखिया ने कुछ खास कारणों से अपने भतीजे को उत्तराधिकार सौंपने से मना किया है। आइए इन पर एक नजर डालने की कोशिश करते हैं…
1. परिवारवाद के आरोपों से बचने की कोशिश
पहला और बड़ा कारण यह माना जा रहा है कि परिवारवाद के आरोपों से बचने के लिए मायावती ने ऐसा काम किया है, क्योंकि आजाद समाज पार्टी कांशीराम के नेता और सांसद चंद्रशेखर आजाद अक्सर परिवार को लेकर इशारे इशारे में मायावती को घेरने की कोशिश करते रहे हैं। सांसद चंद्रशेखर आजाद यह बात दोहराते रहे हैं कि बाबा साहब ने कहा था कि- ‘पहले रानी के पेट से ही राजा जन्म लेता था, लेकिन अब उन्होंने ऐसी व्यवस्था दी है कि राजा रानी के पेट से नहीं, बल्कि मतदान की पेटी से पैदा होगा।’
मायावती चाहती हैं कि उनकी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप न लगे। इसीलिए वह अपने फैसले को वापस लेते हुए यह संदेश देने की कोशिश की है। आपको याद होगा कि आकाश पर कार्रवाई से पहले उन्होंने अशोक सिद्धार्थ को निष्कासित करते समय बार-बार अपने गुरु और पार्टी के संस्थापक कांशीराम की विरासत का हवाला दिया था। मायावती ने कहा था कि मान्यवर कांशीराम ने भी एक बार पंजाब चुनाव के दौरान अपनी बहन और भतीजे के खिलाफ खड़ा कदम उठाया था। इसीलिए जरूरत पड़ने पर वह भी अपने परिवार के लोगों पर सख्त कदम उठा सकती हैं।
2. आकाश आनंद को और परिपक्व बनाने के लिए
बहुजन समाज पार्टी के अंदरुनी सूत्रों का कहना है कि मायावती ने जानबूझकर यह कदम इसलिए उठाया है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता आकाश आनंद के बढ़ते रोल से खफा दिखाई दे रहे थे। साथ ही साथ सत्ता के गलियारों में ये बातें कही जा रहीं थी कि अशोक सिद्धार्थ की वजह से आकाश आनंद के छोटे भाई ईशान आनंद अलग-थलग पड़ते जा रहे थे। साथ ही पार्टी में ससुर दामाद प्रभावी होते जा रहे थे। यही बात मायावती को खटकने लगी थी। आप जानते हैं कि आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ पहले मायावती के भरोसेमंद लोगों में शामिल थे लेकिन जब उनकी कुछ बातें मायावती को नागवार गुजरीं तो उन्होंने पहले उन्हें दरकिनार किया और अब आकाश आनंद को भी साइड लाइन कर दिया।
शायद इसी भाषण की वजह से निकाल दिया
मायावती ने क्योंकि आकाश आनन्द जीतना चाहते थे और मायावती जी हारना pic.twitter.com/jtQHBgK8Ez — मयंक मौर्या (@Mdeoria1) March 2, 2025
मायावती चाहती है कि कोई भरोसेमंद पार्टी के नेतृत्व को संभालने के लिए परिपक्व तरीके से आगे आए, तब ही उसे वह अपना उत्तराधिकारी घोषित करेंगी। आकाश आनंद राजनीतिक लिहाज से अभी अपरिपक्व को माने जा रहे हैं। इसीलिए मायावती ने उन्हें झटका देते हुए परिपक्व बनाने की कोशिश की है।
3. अपने जैसा समर्पित उत्तराधिकारी खोजने की कोशिश
अगर मायावती आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा देतीं तो तो ऐसा लगता कि उनसे बहुत खफा हैं और उनको दोबारा पार्टी में नहीं लेंगी। लेकिन वह ऐसा नहीं कर रही हैं। साथ ही आकाश आनंद की जगह उनके पिता को जिम्मेदारी दी है। क्योंकि मायावती भी जानती हैं कि उनके पास अपने उत्तराधिकार के रूप में बहुत ज्यादा विकल्प नहीं हैं।
आपको बता दें कि जिस तरह से काशीराम को मायावती जैसी शिष्या मिलीं थीं। अब मायावती भी उसी तरह का शिष्य या शिष्या अपने लिए खोज रही हैं, लेकिन मायावती को तमाम जमीन से जुड़े नेता तो मिले.. लेकिन उनको लंबे समय तक अपने पास कायम नहीं रख सकीं। आरके चौधरी, बाबू राम कुशवाहा, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, स्वामी प्रसाद मौर्य, राम अचल राजभर जैसे तमाम नेता उनके काफी नजदीक रहे और उनको उन्होंने पार्टी की जिम्मेदारी भी सौंपी, लेकिन कुछ अंदरूनी बातों के चलते यह सारे नेता पार्टी छोड़कर कहीं और चले गए। ऐसी स्थिति में मायावती के पास बहुत सारे विकल्प नहीं रह गए हैं।
ऐसा है आकाश आनंद का रिएक्शन
मायावती के द्वारा की गयी कार्रवाई पर आकाश आनंद ने सोशल मीडिया हैंडल पर अपनी रिएक्शन देते हुए लिखा है कि वह परम आदरणीया बहन कुमारी मायावती जी के कैडर के कार्यकर्ता हैं और उनके नेतृत्व से ही उन्होंने त्याग, निष्ठा और समर्पण जैसी चीजें सीखीं हैं। उनके लिए बहन जी का हर फैसला मील की लकीर के समान है और उसे स्वीकार कर रहे हैं….।
मैं परमपूज्य आदरणीय बहन कु. मायावती जी का कैडर हूं, और उनके नेतृत्व में मैने त्याग, निष्ठा और समर्पण के कभी ना भूलने वाले सबक सीखे हैं, ये सब मेरे लिए केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य हैं। आदरणीय बहन जी का हर फैसला मेरे लिए पत्थर की लकीर के समान है, मैं उनके हर फैसले का… — Akash Anand (@AnandAkash_BSP) March 3, 2025
Mayawati action on nephew akash anand
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Gadchiroli News: गड़चिरोली में अवैध शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, आरोपी 6 माह के लिए तड़ीपार
Jul 08, 2026 | 01:53 PMराम मंदिर मामले में बड़ा खुलासा! भक्तों को फर्जी रसीद थमाकर ऐंठते थे लाखों का चढ़ावा, ऐसे होता था बंटवारा
Jul 08, 2026 | 01:52 PMChhatarpur News: दहेज प्रताड़ना के बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पिता ने ससुराल पक्ष पर लगाया हत्या का आरोप
Jul 08, 2026 | 01:52 PMSatara: पिता को बचाने दौड़े पत्नी और दो बच्चे, बिजली के टूटकर गिरे तार ने ली चार लोगों की जान
Jul 08, 2026 | 01:51 PMMorning Face Wash: क्या केवल पानी से चेहरा धोना काफी है? जानें सुबह फेस क्लीनिंग का सही तरीका
Jul 08, 2026 | 01:51 PMसंभाजीनगर मनपा भर्ती परीक्षा पर बड़ा अपडेट, 8-9 जुलाई को तय समय पर होगी ऑनलाइन परीक्षा
Jul 08, 2026 | 01:49 PMलखनऊ-दिल्ली अग्निकांड के बाद MDA की सख्त कार्रवाई, शहर के कई कोचिंग सेंटरों को किया सील- VIDEO
Jul 08, 2026 | 01:48 PMवीडियो गैलरी

नितिन नबीन की ‘हॉट सीट’ पर BJP का बड़ा दांव! 26 साल तक जमीनी काम करने वाले इस कार्यकर्ता को दिया टिकट
Jul 08, 2026 | 12:37 PM
‘मैं हारा हुआ सिपाही नहीं’… प्रशांत किशोर का भावुक बयान, वीडियो में कही बड़ी बात
Jul 08, 2026 | 11:59 AM
इस्तीफे से भ्रष्टाचार खत्म नहीं होता, राम मंदिर ट्रस्ट पर AAP सांसद संजय सिंह का बड़ा हमला- VIDEO
Jul 08, 2026 | 11:20 AM
Meerut Robbery Case: हनीमून मना रही ‘लेडी डॉन’ ज्योति चौधरी गिरफ्तार, Instagram Reel से खुला राज। देखें VIDEO
Jul 07, 2026 | 11:09 PM
सिर्फ 400 मीटर की दूरी बनी जानलेवा, एंबुलेंस चालक की एक ‘ना’ और स्ट्रेचर पर ही टूट गईं लड़की की सांसें- VIDEO
Jul 07, 2026 | 10:56 PM
Jabalpur Building Collapse: बड़ा फुहारा बाजार में 3 मंजिला जर्जर इमारत गिरी, टला बड़ा हादसा। देखें VIDEO
Jul 07, 2026 | 10:47 PM














