बाबा साहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर परिसर की अवस्था पर बसपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश

Nagpur Municipal Corporation: उत्तर नागपुर में स्थित भारत रत्न डॉ. बाबा साहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर को लेकर बसपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उत्तर नागपुर में बाबा साहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर
उत्तर नागपुर में बाबा साहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nagpur News: उत्तर नागपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित भारत रत्न डॉ. बाबा साहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहे हैं, परंतु अब तक उचित कार्रवाई नहीं की गई। बसपा कार्यकर्ताओं ने बताया कि 11 जुलाई 2025 को ऑनलाइन तक्रार क्रमांक 51820 नागपुर महानगरपालिका (एनएमसी) के पोर्टल पर दाखिल की गई थी।

यह तक्रार आशीनगर विभाग क्र. 9 के पास गई, जहाँ अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण अंतर्गत बताकर जबाबदारी टाल दी। इसके बाद बसपा उत्तर नागपुर की कार्यकारिणी ने जिल्हा परिषद पीडब्ल्यूडी दगडी इमारत, सिव्हिल लाईन पीडब्ल्यूडी मुख्यालय, विभागीय पीडब्ल्यूडी सदर, एनआयटी, एनएमआरडी, महापालिका आयुक्त कार्यालय तथा महावितरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से व्यक्तिगत मुलाकात कर समस्या को उठाया।

आशीनगर विभाग क्र. 9

बसपा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी भारतरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के नाम पर राजनीति नहीं की। उनका उद्देश्य हमेशा जनहित के प्रश्न उठाना और समाज की समस्याओं का समाधान खोजना रहा है। मगर हाल ही में कांग्रेस के कुछ नेताओं ने एनएमसी आशीनगर विभाग क्र. 9 में वरिष्ठ अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, महावितरण विभाग के अधिकारियों से भी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया। इसके बाद कुछ यूट्यूब चैनलों पर यह खबरें प्रसारित हुईं कि उत्तर नागपुर के विधायक ने यह अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर बनवाया है।

बाबा साहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर
(सौजन्यः सोशल मीडिया)

बाबासाहब आंबेडकर की मूर्तियों का सौंदर्यीकरण आज तक क्यों नहीं हुआ?

इस पर बसपा कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि विधायक करोड़ों रुपये खर्च कर इतना विशाल कन्वेंशन सेंटर बना सकते हैं, तो सन 1977 में स्थापित भारतरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की मूर्तियों का सौंदर्यीकरण आज तक क्यों नहीं हुआ? आज ये मूर्तियां गंदे और दुर्गंधयुक्त पानी में खड़ी हैं, जो बाबासाहब के अनुयायियों के लिए अपमानजनक है। बसपा ने इसे दुहरी राजनीति करार देते हुए आरोप लगाया कि चुनावों में वोट के लिए बाबासाहब का नाम लिया जाता है, परंतु उनके मान-सम्मान की रक्षा की बात आने पर जनप्रतिनिधि मौन साध लेते हैं।

महापुरुषों को सम्मान दिलाना ही बसपा की परंपरा

इस आंदोलन में बसपा उत्तर नागपुर विधानसभा के माजी महासचिव विवेक किशोर सांगोडे, मयूर बोरकर, बंडुभाऊ खांडेकर, तुषार साखरे, परेश जांमगडे, अरविंद नंदगांवे, साखरे काका, ओम कोटंगले, रोहित पाटिल, राकेश जानभुळकर, आहान साखरे, राजेश नांदेश्वर यांच्यासह अनेक कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बसपा ने ही संघर्ष कर भारतरत्न डॉ. बाबासाहब आंबेडकर को ‘भारत रत्न’ दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। संतों, गुरुओं और महापुरुषों को सम्मान दिलाना ही बसपा की परंपरा रही है। बसपा कभी श्रेय लेने की राजनीति नहीं करती, बल्कि संविधानिक दायरे में रहकर समाज के लिए कार्य करती है।

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