
घूसखोरी का आरोपी सिपाही और चौकी इंचार्ज।
Varanasi Corruption Case : वाराणसी से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां एंटी करप्शन टीम को देखते ही एक सिपाही रिश्वत के पैसे सड़क पर फेंककर भागने लगा, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे और आरोपी दरोगा को दबोच लिया। यह पूरी घटना काशी विद्यापीठ चौकी की है, जहां एक मुकदमे से नाम हटाने के बदले रिश्वत का खेल चल रहा था।
घटना बुधवार की है। चंदौली के रहने वाले प्रहलाद गुप्ता का पत्नी के साथ विवाद चल रहा था, जिसमें उनके खिलाफ 5 केस दर्ज थे। मामले की जांच काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा कर रहे थे। आरोप है कि दरोगा ने मुकदमे से नाम हटाने और धाराएं न बढ़ाने के बदले प्रहलाद से 50 हजार रुपये की मांग की। रिश्वत न देने पर जेल भेजने की धमकी भी दी गई।
परेशान होकर प्रहलाद ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। टीम के जाल बिछाते ही प्रहलाद 20 हजार रुपये लेकर चौकी पहुंचे। वहां दरोगा शिवाकर मिश्रा ने सीधे पैसे न लेकर अपने सिपाही गौरव द्विवेदी को पैसे देने को कहा। जैसे ही प्रहलाद ने सिपाही की जैकेट में पैसे डाले एंटी करप्शन टीम ने धावा बोल दिया। टीम को देखते ही सिपाही ने पैसे हवा में उछाले और भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
वाराणसी में खाकी पर फिर दाग लगा।काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी दरोगा शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। दहेज उत्पीड़न के मामले में नाम हटाने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की गई थी, पीड़ित की शिकायत पर एंटी… pic.twitter.com/YPU4rBUy9p — JIMMY (@Jimmyy__02) January 29, 2026
गिरफ्तार दरोगा शिवाकर मिश्रा का इतिहास पहले भी बेदाग नहीं रहा है। 2019 बैच के इस दरोगा का नाम चर्चित IIT-BHU छात्रा गैंगरेप मामले में भी उछला था। उस समय वह बीएचयू चौकी इंचार्ज थे और उन पर जांच को भटकाने और मामले को दबाने के गंभीर आरोप लगे थे। भारी विरोध प्रदर्शन के बाद उनसे जांच वापस ली गई थी।
वाराणसी में काशी विद्यापीठ चौकी इंचार्ज की धर-पकड़ में एंटी करप्शन टीम की काफी बहस हुई। pic.twitter.com/5rd2sOj0ze — पेंच टाइट करना (@GreatKanpurUP78) January 29, 2026
दूसरी ओर, दरोगा की पत्नी शिवानी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके पति को साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका दावा है कि एंटी करप्शन टीम किसी पुराने मामले को लेकर उनके पति पर दबाव बना रही थी और इसी रंजिश में उन्हें जबरदस्ती उठाया गया है।
यूपी वाराणसी चार्जशीट से नाम हटाने मामले को लेकर शिवाकर मिश्रा और उसके खास सिपाही गौरव कुमार को 20 हजार ₹ रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा। गौरव तो रुपए फेंक कर भाग खड़े हुए लेकिन दरोगा रंगेहाथ पकड़े गए।दरोगा की पत्नी का आरोप पति को जानबूझकर एंटी करप्शन ने फसाया pic.twitter.com/h66VDZ2OaP — Vedant Sharma ( son of uttar pradesh ) (@vedant_livee) January 29, 2026
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शाम 6 बजे गिरफ्तारी के बाद दोनों को लालपुर पांडेयपुर थाना ले जाया गया, जहाँ उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। डीसीपी काशी, गौरव बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दरोगा शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।






