यूपी की घूसखोर पुलिस...दारोगा रिश्वत लेते पकड़ाया, सिपाही पैसे फेंककर भागा, Video देखें

Varanasi News : वाराणसी में सिपाही को एंटी करप्शन टीम ने घूस लेते पकड़ा है। सिपाही ने मुंह पर पैसे फेंके और भाग गया। उसने बताया कि चौकी इंचार्ज ने उसे पैसे लेने के लिए कहा था। इसका वीडियो वायरल है।
Major action against bribe-takers in UP... Inspector arrested, constable throws money and runs away
घूसखोरी का आरोपी सिपाही और चौकी इंचार्ज।
Updated on

Varanasi Corruption Case : वाराणसी से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे। यहां एंटी करप्शन टीम को देखते ही एक सिपाही रिश्वत के पैसे सड़क पर फेंककर भागने लगा, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे और आरोपी दरोगा को दबोच लिया। यह पूरी घटना काशी विद्यापीठ चौकी की है, जहां एक मुकदमे से नाम हटाने के बदले रिश्वत का खेल चल रहा था।

घटना बुधवार की है। चंदौली के रहने वाले प्रहलाद गुप्ता का पत्नी के साथ विवाद चल रहा था, जिसमें उनके खिलाफ 5 केस दर्ज थे। मामले की जांच काशी विद्यापीठ चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा कर रहे थे। आरोप है कि दरोगा ने मुकदमे से नाम हटाने और धाराएं न बढ़ाने के बदले प्रहलाद से 50 हजार रुपये की मांग की। रिश्वत न देने पर जेल भेजने की धमकी भी दी गई।

20 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप

परेशान होकर प्रहलाद ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। टीम के जाल बिछाते ही प्रहलाद 20 हजार रुपये लेकर चौकी पहुंचे। वहां दरोगा शिवाकर मिश्रा ने सीधे पैसे न लेकर अपने सिपाही गौरव द्विवेदी को पैसे देने को कहा। जैसे ही प्रहलाद ने सिपाही की जैकेट में पैसे डाले  एंटी करप्शन टीम ने धावा बोल दिया। टीम को देखते ही सिपाही ने पैसे हवा में उछाले और भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

विवादों से पुराना नाता है दरोगा का

गिरफ्तार दरोगा शिवाकर मिश्रा का इतिहास पहले भी बेदाग नहीं रहा है। 2019 बैच के इस दरोगा का नाम चर्चित IIT-BHU छात्रा गैंगरेप मामले में भी उछला था। उस समय वह बीएचयू चौकी इंचार्ज थे और उन पर जांच को भटकाने और मामले को दबाने के गंभीर आरोप लगे थे। भारी विरोध प्रदर्शन के बाद उनसे जांच वापस ली गई थी।

पत्नी का दावा: पति को फंसाया गया

दूसरी ओर, दरोगा की पत्नी शिवानी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके पति को साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका दावा है कि एंटी करप्शन टीम किसी पुराने मामले को लेकर उनके पति पर दबाव बना रही थी और इसी रंजिश में उन्हें जबरदस्ती उठाया गया है।

एक्शन में पुलिस विभाग

शाम 6 बजे गिरफ्तारी के बाद दोनों को लालपुर पांडेयपुर थाना ले जाया गया, जहाँ उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। डीसीपी काशी, गौरव बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दरोगा शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com