ACB की बड़ी कार्रवाई, नेरुल में CIDCO का सहायक एस्टेट ऑफिसर रंगे हाथ पकड़ा गया

Navi Mumbai के नेरुल नोड में CIDCO के सहायक एस्टेट ऑफिसर को ACB ने 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। फ्लैट ट्रांसफर के बदले मांगी गई रकम का खुलासा शिकायत के बाद हुआ।
CIDCO Bribery Case
सिडको अधिकारी रिश्वत (सौ. सोशल मीडिया )
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CIDCO Bribery Case: नवी मुंबई में सिडको (CIDCO) से जुड़ा एक बड़ा रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने नेरुल नोड में तैनात CIDCO के सहायक एस्टेट ऑफिसर को फ्लैट ट्रांसफर के बदले रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार अधिकारी का नाम शैलेश आत्माराम घरत बताया गया है। ACB की टीम ने उसे 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा। इस मामले में रिश्वत की रकम लेने वाले नागेंद्र पांडे नामक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है।

होटल नवमी में बिछाया गया जाल

ACB ने नेरुल स्थित होटल नवमी में ट्रैप बिछाकर कार्रवाई को अंजाम दिया। नागेंद्र पांडे अधिकारी की ओर से रिश्वत की रकम ले रहा था, तभी ACB की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ में उसके सिडको अधिकारी से संबंध सामने आए।

कॉन्ट्रैक्टर ने की थी शिकायत

इस पूरे मामले की शुरुआत एक कॉन्ट्रैक्टर की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता ने जून 2025 में सानपाड़ा इलाके में स्थित अपने फ्लैट के ट्रांसफर के लिए CIDCO में ऑनलाइन आवेदन किया था। आरोप है कि आवेदन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले सहायक एस्टेट ऑफिसर ने 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।

रिश्वत के बिना काम न होने का आरोप

शिकायतकर्ता का कहना है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही थी और साफ संकेत दिए गए कि बिना पैसे दिए फ्लैट ट्रांसफर संभव नहीं है। इसके बाद कॉन्ट्रैक्टर ने ACB से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी।

CIDCO में मचा हड़कंप

ACB की इस कार्रवाई के बाद CIDCO विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। ACB अब यह जांच कर रही है कि इस रिश्वतखोरी में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।