
अजित पवार (सौजन्य-एक्स)
Ajit Pawar RSS Relation: शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह में उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बयान अंतिम था। वित्त मंत्री के रूप में उनके द्वारा प्रस्तुत पूरक मांगों और अंतिम सप्ताह के प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए उन्होंने विकास योजना तय करते समय राज्य की जनता को आश्वासन दिया कि राज्य वित्तीय संकट में नहीं है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ कड़े फैसले लेने होंगे। अनावश्यक खर्च से बचना होगा, सरकार भविष्य में वित्तीय अनुशासन लागू करेगी। सत्र से पहले नागपुर में उनकी पार्टी का 2 दिवसीय विचार- विमर्श शिविर भी आयोजित किया गया था।
सत्र के दौरान महायुति के विधायक रेशिमबाग स्थित संघ मुख्यालय जाते हैं। हालांकि अजित पवार हमेशा इस वर्ग से दूर रहे। उन्होंने हमेशा कहा कि वे वैचारिक रूप से विरोधी हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नागपुर से बहुत गहरे संबंध थे। वे समय-समय पर कार्यकर्ताओं से मिलने आते थे। भले ही पूर्व मंत्री अनिल देशमुख दूसरी पार्टी में थे लेकिन उनके साथ उनके संबंध बरकरार रहे।
जब देशमुख के बेटे सलिल देशमुख बीमार थे तब वे नागपुर आए और अस्पताल में उनसे मिलने गए। वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ पार्षद आभा पांडे की बेटी की शादी में शामिल न हो पाने के कारण वे तुरंत बाद उनके घर पहुंचे थे। उन्होंने पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रशांत पवार के घर पर आयोजित एक पारिवारिक समारोह में भी भाग लिया था। जीपीओ चौक के पास रवि भवन से सटा उनका सरकारी बंगला ‘विजयगढ़’ सुबह 6 बजे से कार्यकर्ताओं के लिए खुला रहता था।
नागपुर में 8 से 14 दिसंबर तक शीतकालीन सत्र आयोजित किया गया था। अजित पवार पहले दिन से ही सत्र में उपस्थित थे। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक सरकारी बैठक के लिए दिल्ली में थे। उस समय उन्होंने सदन में सरकार का पक्ष मजबूती से रखा, जब वे सदन में बोलने के लिए खड़े होते थे तब न तो विपक्ष के विधायकों और न ही सत्ताधारी विधायकों में उन्हें टोकने की हिम्मत थी। यदि किसी ने उनके भाषण में बाधा डाली तो उन्होंने उसे सीधे जवाब देने की क्षमता दिखाई।
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शीतकालीन सत्र के दौरान 11 दिसंबर को उनकी पार्टी ने गांधीसागर स्थित शिक्षक सहकारी बैंक सभागृह में कार्यकर्ताओं की एक सभा आयोजित की गई थी। उस समय उन्होंने पार्टी को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया था कि आप बुलाइए, मैं आऊंगा लेकिन जनता का काम कीजिए, पार्टी को आगे बढ़ाइए, नागरिकों की समस्याओं को हल करने पर ध्यान दीजिए।






