मलबे के ढेर में दबी दर्जनों जिंदगियां, आंखों के सामने मौत मंजर, मजदूर बोले- लगा अब नहीं बचेंगे

UP के Firozabad में एक निर्माणाधीन ओवर ब्रिज गिरने से मलबे में दर्जनों मजदूर दब गए और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन ने सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।
firozabad-tundla-overbridge-collapse-labourers-trapped-survivors-share-horrific-experience
फिरोजाबाद में निर्माणाधीन पुल ढहने से दर्जनों मजदूर मलबे में दबे (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Firozabad Tundla Overbridge Accident: फिरोजाबाद के टूंडला में दिल्ली-हावड़ा रेलवे लाइन पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। गुरुवार रात हुए इस हादसे ने कई मजदूरों की जिंदगियों को मलबे के नीचे दबा दिया। बचाए गए एक मजदूर ने कांपते हुए बताया, "जब हादसा हुआ तो आंखों के सामने अचानक अंधेरा छा गया, लगा कि मौत आ गई। अभी तक भरोसा नहीं हो पा रहा है कि हम बच गए हैं।" इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और बचाव कार्य लगातार जारी है।

यह हादसा गुरुवार, 9 अक्टूबर की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच टूंडला रेलवे स्टेशन के पूर्वी फाटक के पास हुआ। उस समय पुल पर लेंटर डालने के लिए शटरिंग का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ शटरिंग समेत पूरा ढांचा नीचे आ गिरा। उस वक्त साइट पर लगभग 16 से 18 मजदूर काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया गया।

मलबे के ढेर में दबीं जिंदगियां

देर रात से ही रेस्क्यू मिशन पूरी मुस्तैदी से चल रहा है। अब तक 10 से ज्यादा मजदूरों को मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती मलबे का विशाल ढेर बना हुआ है, जिसके कारण रेस्क्यू टीम को बहुत सावधानी से बुलडोजर चलाना पड़ रहा है। इस वजह से ऑपरेशन की गति धीमी हो गई है। बचाए गए एक अन्य मजदूर ने बताया कि जब स्लैब गिरा तो धूल का ऐसा गुबार उठा कि चारों तरफ अंधेरा छा गया।

कितने मजदूर थे, कौन जिम्मेदार?

इस हादसे के बाद सबसे बड़ी समस्या यह सामने आई है कि घटना के बाद से मजदूरों का ठेकेदार फरार है। इस कारण प्रशासनिक अधिकारियों के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि साइट पर कुल कितने मजदूर काम कर रहे थे। हालांकि, अपुष्ट आंकड़ों के अनुसार अभी भी कम से कम 11 मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने हादसे की जांच शुरू कर दी है और शुरुआती तौर पर इसके लिए ठेकेदार की लापरवाही और शटरिंग में हुई गड़बड़ी को जिम्मेदार माना जा रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com