असम के 'फायरब्रांड' सीएम की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, हेट स्पीच के मामले में सरमा के साथ लपेटे में आई भारत सरकार

Gauhati High Court Issue Notice To CM Himanta Sarma: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ हाई कोर्ट ने बड़ी कार्यवाही करते हुए नोटिस जारी किया है। मामला हेट स्पीच से जुड़ा हुआ है।
Assam CM Hate Speech Case
Guwahati High Court (Social Media)
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Assam CM Hate Speech Case: आए दिन अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले असम सीएम हिमंत सरमा की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही हैं, दरअसल, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने गुरुवार को नोटिस जारी किया है। दायर याचिका में असम के सीएम सरमा को राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हेट स्पीच देने से रोकने की मांग उठाई गई।

असम पुलिस ने नहीं लिया एक्शन?

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार जनहित याचिका (PIL) में कहा गया है कि सीएम सरमा के कथित हेट स्पीच के सार्वजनिक वीडियो होने के बावजूद भी असम पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज नहीं की है। साथ ही याचिका में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई ना होने की वजह से राज्य में भय का माहौल पौदा होता है।

किसने दायर की थी याचिका?

यह याचिका डॉ. हिरेन गोहेन और दो अन्य ने दायर की थी, जिसमें हिमंत बिस्वा सरमा को हेट स्पीच देने और नागरीकों को कानून हाथ में लेने के लिए उकसाने से रोकने के निर्देश देने की मांग की गई है। इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कथित हेट स्पीच के लिए सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं को हाई कोर्ट जाने के लिए कहा था।

किस-किस को जारी हुआ नोटिस?

मामले की सुनवाई के बाद गुवाहाटी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार और न्यायमूर्ति अरूण देव चौधरी की बेंच ने कहा कि भारत सरकार, असम राज्य, असम उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को नोटिस जारी किया जाए। साथ ही अंतरिम राहत की याचिका पर भी नोटिस जारी किया।

अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या कहा?

सिंघवी ने कहा कि सीएम ने राज्य में एक विशेष समुदाय को टारगेट किया है, उन्होंने आगे कहा कि मेरा मानना है कि अगर गांधीजी सीएम के बयान को सुनते तो अपनी कब्र में करवटें बदल लेते। हम यह नहीं भूल सकते कि उन्होंने पद की शपथ ली है, मैं यह कहकर अपनी बात समाप्त कर रहा हूं कि एफआईआर दर्ज होनी चाहिए, ऐसे भाषण बंद होने चाहिए और मुख्यमंत्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। सिंघवी ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते हुए उन्हें ‘मिया मुस्लिम’ कहा गया।

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