दिल्ली में AI का महाकुंभ, 20 देशों के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री होगे शामिल, क्या बदलेगी आम लोगों की जिंदगी?

Global Leaders in Delhi: भारत फरवरी 2026 में एक ऐतिहासिक वैश्विक आयोजन की मेजबानी करने जा रहा है। 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में होने वाला India-AI Impact Summit 2026 दुनिया भर से लोग आए है।
AI's Mahakumbh in Delhi, Presidents and Prime Ministers of 20 countries will participate
India AI Summit (Source. Design)
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India AI Summit: भारत फरवरी 2026 में एक ऐतिहासिक वैश्विक आयोजन की मेजबानी करने जा रहा है। 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में होने वाला India-AI Impact Summit 2026 दुनिया भर के 20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों को एक मंच पर लाएगा। इस चार दिवसीय सम्मेलन की अगुवाई प्रधानमंत्री Narendra Modi कर रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य यह तय करना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का इस्तेमाल लोगों और पृथ्वी के हित में कैसे किया जाए।

भारत क्यों बना AI चर्चा का केंद्र?

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समिट में वैश्विक नीति-निर्माता, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और इनोवेटर्स शामिल होंगे। लक्ष्य है जिम्मेदार और सुरक्षित AI विकास के लिए साझा रोडमैप तैयार करना। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि भारत अब वैश्विक AI गवर्नेंस में अपनी मजबूत आवाज दर्ज कराना चाहता है।

बड़े देशों के दिग्गज नेता होंगे शामिल

सम्मेलन में फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva आधिकारिक दौरे पर भारत आएंगे। इसके अलावा एस्टोनिया, सर्बिया, स्लोवाकिया, स्पेन, श्रीलंका और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति भी भाग लेंगे। भूटान, क्रोएशिया, फिनलैंड, ग्रीस, कजाखस्तान, मॉरीशस और नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री इस मंच पर मौजूद रहेंगे। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, लिकटेंस्टीन के हेरिडिटरी प्रिंस और बोलीविया, गुयाना व सेशेल्स के उपराष्ट्रपति भी अपने देशों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

45 से ज्यादा देशों की भागीदारी

इस समिट में 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी विचार-विमर्श में हिस्सा लेंगे। यह वैश्विक स्तर पर AI के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

तीन सूत्र: People, Planet और Progress

इस समिट का आधार तीन प्रमुख सूत्र हैं People, Planet और Progress। भारत का फोकस समावेशी विकास, टिकाऊ तकनीक और नैतिक नवाचार पर रहेगा। चर्चा डिजिटल डिवाइड को कम करने, AI टूल्स तक समान पहुंच, ग्रीन कंप्यूटिंग और मजबूत नियामक ढांचे पर केंद्रित होगी।

आम लोगों के लिए क्या मायने?

AI आज स्वास्थ्य, कृषि, वित्त, जलवायु और सरकारी सेवाओं तक हर क्षेत्र को बदल रहा है। यह सम्मेलन तकनीकी तरक्की और नैतिक सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। भारत की यह डिजिटल कूटनीति पहल आने वाले समय में रोजगार, स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए नए अवसर खोल सकती है। दिल्ली में होने वाला यह समिट भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच साबित हो सकता है।

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