AI Impact Summit 2026 का क्या होगा नौकरियों पर असर? जानिए दिल्ली में होने वाले इस इवेंट से जुड़ी अहम जानकारी

AI Job Impact: दिल्ली में होने जा रहे 'AI इम्पैक्ट समिट' में प्रधानमंत्री मोदी और दुनिया के दिग्गज नेता जुटेंगे। AI से नौकरियां खत्म नहीं होंगी, बल्कि 2025 तक 97 मिलियन नए अवसर पैदा होंगे।
AI Summit 2026: PM Modi and Tech Leaders Discuss AI Impact on Jobs and Global Economy
AI इम्पैक्ट समिट का नौकरियों पर असर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Future Global Workforce AI Impact: नई दिल्ली में 16 फरवरी से 'AI इम्पैक्ट समिट' का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इसमें पीएम मोदी और सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज नेता भविष्य की रणनीति तय करेंगे। भविष्य में वैश्विक कार्यबल पर AI का प्रभाव को समझना आज की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। यह समिट तय करेगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को खतरे के बजाय अवसर कैसे बनाया जाए।

शिखर सम्मेलन का उद्देश्य

राजधानी दिल्ली में 16 फरवरी से 'AI इम्पैक्ट समिट' शुरू होने जा रहा है। इसमें पीएम मोदी, इमैनुएल मैक्रों और सुंदर पिचाई जैसे दिग्गज हिस्सा लेंगे। यह समिट बताएगा कि AI भविष्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा मुद्दा है।

नौकरियों पर असर

अक्सर यह डर रहता है कि AI आने से लोगों की नौकरियां खत्म हो जाएंगी। लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू यह है कि AI इंसानों की क्षमता बढ़ाता है। जैसे एटीएम से बैंक टेलर का काम बदला, वैसे ही AI पुराने काम बदल देगा।

क्या कहती हैं रिपोर्ट

विश्व आर्थिक मंच के अनुसार 2025 तक 85 मिलियन नौकरियां खत्म हो सकती हैं। परंतु इसी अवधि में करीब 97 मिलियन नई भूमिकाएं और अवसर भी पैदा होंगे। यानी नौकरियों में बदलाव तो जरूर होगा, लेकिन नए मौके भी बहुत बढ़ेंगे।

ह्यूमन और AI

AI खुद काम नहीं करता है, इसे चलाने के लिए हमेशा इंसानों की जरूरत पड़ेगी। इसमें इंसानों जैसी सोच, भावनाएं और नैतिक निर्णय लेने की क्षमता बिल्कुल नहीं है। भविष्य 'ह्यूमन बनाम AI' का नहीं बल्कि 'ह्यूमन और AI' के मिलन का है।

अर्थव्यवस्था को फायदा

पीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक AI से बड़ी आर्थिक तरक्की होने वाली है। AI वैश्विक अर्थव्यवस्था में करीब 15.7 ट्रिलियन डॉलर की बड़ी राशि जोड़ सकता है। यह तभी संभव है जब इंसान और मशीन एक साथ मिलकर बेहतर काम करेंगे।

नई स्किल की जरूरत

AI के दौर में सफल होने के लिए नई स्किल सीखना सबसे ज्यादा जरूरी है। आने वाले सालों में आधे से ज्यादा कर्मचारियों को रीस्किलिंग और अपस्किलिंग करनी होगी। सरकारों और बड़ी कंपनियों को इसके लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाने की जरूरत है।

शिक्षा में बदलाव

हमारे स्कूलों और कॉलेजों में भी डिजिटल स्किल्स पर अब ज्यादा ध्यान देना होगा। AI टूल्स की मदद से डॉक्टर सटीक जांच और किसान बेहतर फसल उगा सकते हैं। बदलाव को अपनाकर खुद को अपग्रेड करने वाले लोगों के लिए भविष्य सुनहरा होगा।

नैतिक नियम और नीति

अगर सही पॉलिसी बने और नैतिक नियम तय हों, तो AI कभी खतरा नहीं बनेगा। यह एक मजबूत इक्विपमेंट है जो केवल काम की स्पीड और क्वालिटी बढ़ाता है। छोटे व्यापारी भी AI की मदद से अपने ग्राहकों को शानदार सेवा दे सकेंगे।

सम्मेलन की महत्ता

दिल्ली में हो रहा यह आयोजन दुनिया भर के टेक दिग्गजों को एक साथ ला रहा है। बिल गेट्स और जेन्सेन हुआंग जैसे नाम भी इस चर्चा में सक्रिय रूप से शामिल होंगे।

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