

India AI Mission: भारत एक बार फिर वैश्विक मंच पर बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है। देश फरवरी 2026 में 'ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट' की मेजबानी करेगा, जिसे लेकर राजनीतिक और तकनीकी हलकों में जबरदस्त उत्साह है। राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा कि यह सम्मेलन दुनिया को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के बयान को साझा करते हुए लिखा, "Many countries from around the world and tech leaders are coming to India to participate in the Global AI Impact Summit. Together with all, we will continue our constant efforts to build a better world."
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal के अनुसार, 16 से 20 फरवरी तक होने वाला यह समिट तीन सूत्रों People, Planet और Progress पर आधारित होगा। इसे सात प्रमुख चक्रों में विभाजित किया जाएगा, ताकि नीतियों, शोध, उद्योग और समाज के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा हो सके। यह पहली बार है जब 'ग्लोबल साउथ' में इतने बड़े स्तर पर AI समिट आयोजित किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस समिट में दुनिया भर से 20 बड़े नेता शामिल होंगे। इनमें भूटान के प्रधानमंत्री Tshering Tobgay, ब्राजील के राष्ट्रपति Luiz Inacio Lula da Silva, फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron और स्पेन के राष्ट्रपति Pedro Sanchez जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres भी चर्चा में भाग लेंगे।
यह पांच दिवसीय कार्यक्रम नई दिल्ली के Bharat Mandapam में आयोजित होगा। यहां नीति-निर्माताओं, टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स और विशेषज्ञों के बीच AI के भविष्य, शासन, नवाचार और सतत विकास पर मंथन होगा।
'इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो' इस समिट का खास आकर्षण रहेगा। 70,000 वर्गमीटर में फैले इस एक्सपो में 30 देशों के 300 से अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे। यहां AI तकनीक के शोध से लेकर बड़े स्तर पर उसके उपयोग तक की झलक देखने को मिलेगी।
यह समिट 'डिजिटल इंडिया' और 'इंडिया AI मिशन' के विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। लक्ष्य है जिम्मेदार AI गवर्नेंस, जलवायु-संवेदनशील तकनीक और उभरती तकनीकों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना। सरकार का दावा है कि यह सम्मेलन सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऐसे ठोस परिणाम सामने लाएगा जो आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और तकनीक के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देंगे।