
CM देवाभाऊ की चेतावनी
नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, महाराष्ट्र के महापालिका चुनाव में राज्य की महायुति सरकार के सहयोगी घटक दलों के बीच टक्कर हो रही है।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में उप मुख्यमंत्री अजीत पवार को चेतावनी देते हुए कहा कि विरोधियों को हम पानी पिला देंगे।इस पर आपकी क्या राय है?’ हमने कहा, ‘प्यासे को पानी पिलाना पुण्य का काम है।लोग इसके लिए प्याऊ खोलते हैं।देवाभाऊ भी यह पुण्य कार्य करने जा रहे हैं।बेहतर होगा कि पानी बिसलरी की बोतल में दिया जाए अथवा आरओ का हो।आप तो जानते हैं कि इंदौर का पानी कैसा जानलेवा बन गया है।वहां के प्रशासन ने जिन्हें जहरीला पानी पिलाया वह सीधे परलोक सिधार गए.’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, पानी पिलाना एक मुहावरा है जो प्रतिपक्षी को मात देने को लेकर प्रयुक्त किया जाता है।लोग कहते हैं- क्या समझ रखा है! मैंने अच्छे-अच्छों को पानी पिलाया है! कुछ लोग स्वाभिमानी और अपनी बात के पक्के हुआ करते हैं जिन्हें पानीदार कहा जाता है।जिन्हें आशंका रहती है कि कल नल आएगा या नहीं, वह बरतनों में पानी भरकर रखते हैं।कवि रहीम ने भी लिखा था- रहिमन पानी राखिए, पानी बिन सब सून!’ हमने कहा, ‘पानी को लेकर सार्वजनिक नल पर महिलाओं को झगड़ा करते आपने देखा होगा।भारत के पास अधिकार है कि यदि पाकिस्तान ने आतंकवाद जारी रखा तो उसे सिंधु नदी का पानी देना बंद कर देगा और बिना पानी के तड़पा-तड़पा के मारेगा।पानीपत की 3 लड़ाइयां इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं।नेपोलियन जैसा महान सेनानी भी वाटरलू के युद्ध में हारा था।उस जगह वाटर यानी पानी होगा और लू या गर्म हवा भी चलती होगी.’
ये भी पढ़ें- ‘नवभारत विशेष’ की अन्य रोचक ख़बरों और लेखों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, कहावत है- पानी तेरा रंग कैसा, जिसमें मिलाया उस जैसा! मिलनसार लोगों का ऐसा ही स्वभाव रहता है जो कहीं भी घुलमिल जाते हैं।जो बार-बार पार्टी बदलने वाले घाघ नेता होते हैं, उनके बारे में कह सकते हैं कि उन्होंने घाट-घाट का पानी पिया है।बेशर्म व्यक्ति को फटकारते हुए कहा जाता है- जाकर चुल्लू भर पानी में डूब मर! अध्ययनशील ज्ञानीजनों के लिए कहा जाता है- जिन खोजा तिन पाइयां गहरे पानी पैठ! देखना है कि चुनाव में किसकी पैठ मजबूत रहती है।’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा






