बिजली खंभों पर अवैध बैनर हटाएं, 4 दिन की मोहलत, नहीं हटाए पोस्टर तो दर्ज होगा केस; महावितरण की सख्त चेतावनी

Sambhajinagar Mahavitaran notice: संभाजीनगर में बिजली खंभों और ट्रांसफार्मरों पर लगे अवैध बैनर व केबल हटाने के लिए महावितरण ने 4 दिन की चेतावनी दी है। नियम नहीं मानने पर आपराधिक कार्रवाई होगी।
Remove illegal banners from electricity poles, 4 days' notice; failure to remove posters will result in a case; MahaVitaran issues a strict warning
Chhatrapati Sambhajinagar Illegal Hoardings ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Illegal Hoardings: छत्रपति संभाजीनगर शहर में बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और अन्य विद्युत संरचनाओं पर अवैध रूप से बैनर, पोस्टर, होर्डिंग तथा केबल लगाने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए महावितरण ने कड़ी चेतावनी जारी की है। विभाग ने स्पष्ट कहा है कि अगले चार दिनों के भीतर संबंधित व्यक्ति या संस्थाएं स्वयं यह सामग्री हटा लें।

अन्यथा उनके विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। महावितरण के अनुसार शहर और आसपास के क्षेत्रों में बिजली खंभों, ट्रांसफार्मरों, वितरण पेटियों, विद्युत लाइनों और अन्य संरचनाओं पर अनधिकृत रूप से प्रचार सामग्री लगाई जा रही है।

इसके अलावा टीवी और इंटरनेट की केबल भी बिना अनुमति खंभों पर डाली जा रही हैं। यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।

मरम्मत कार्य में बाधा बनते हैं पोस्टर, बैनर महावितरण ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण बाधित बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्मचारियों को दिन और रात दोनों समय खंभों पर चढ़ना पड़ता है और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत करनी होती है।

खंभों पर लगे बैनर और केबल मरम्मत कार्य में बाधा उत्पन्न करते हैं। कई स्थानों पर बैनरों के कारण बिजली आपूर्ति चाधित होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। हवा के दबाव से फटने वाले बैनर विद्युत तारों में उलझकर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। इससे कर्मचारियों को जानलेवा या गंभीर चोट लगने की आशंका बनी रहती है।

चार दिन की मोहलत

महावितरण ने सभी संबंधित व्यक्तियों, संस्थाओं, संगठनों, राजनीतिक दलों और केबल ऑपरेटरों से अपील की है कि वे 28 फरवरी तक अपने खर्च पर सभी बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और केबल हटा लें।

निर्धारित समय सीमा के बाद भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

महावितरण ने स्पष्ट किया है कि विद्युत संरचनाओं पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत हस्तक्षेप दंडनीय अपराध है। इससे जान और माल की हानि हो सकती है। नागरिकों से कानून का पालन करने और प्रशासन को सहयोग देने की अपील की गई है।

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