जायकवाड़ी परियोजना पर HC सख्त, भूमि अधिग्रहण के बाद भुगतान लंबित, 4 हफ्तों में मुआवजा राशि जमा करने के निर्देश

Jayakwadi Dam Project: जायकवाड़ी बांध परियोजना में किसानों का मुआवजा लंबित रहने पर हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने प्रशासन को फटकार लगाते हुए चार सप्ताह में 6 करोड़ रुपये जमा करने का आदेश दिया।
HC takes a tough stand on Jayakwadi project, pending payment after land acquisition, directs deposit of compensation amount within 4 weeks
Chhatrapati Sambhajinagar Land Compensation Case( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Land Compensation Case: छत्रपति संभाजीनगर सार्वजनिक परियोजना के नाम पर किसानों की जमीन अधिग्रहित कर वर्षों तक मुआवजा न देना गंभीर लापरवाही है। इस कड़ी टिप्पणी के साथ मुंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने प्रशासन को फटकार लगाई है।

पैठण स्थित जायकवाड़ी बांध परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि का भुगतान लंबित रहने पर अदालत ने अहिल्या नगर के जिलाधिकारी और गोदावरी सिंचाई विभाग को चार सप्ताह के भीतर छह करोड़ रुपये न्यायालय में जमा करने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति विभा कंकणवाडी और न्यायमूर्ति हितेन एस. वेणेगावकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि सार्वजनिक हित के नाम पर भूमि का अधिग्रहण कर लेना और बाद में किसानों को वर्षों तक मुआवजा न देना अत्यंत गंभीर विषय है। इससे न केवल किसानों को आर्थिक क्षति होती है, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगता है।

हाई कोर्ट ने जतायी नाराजगी

खंडपीठ ने कहा कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद या भूमि का कब्जा लेते समय मुआवजा न देने से ब्याज का बोझ बढ़ता जाता है। अंततः यह राशि सरकारी खजाने से ही अदा करनी पड़ती है।

संबंधित विभागों को कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद धनराशि जना न किया जाना खेदजनक है। अदालत ने निर्देश दिया है कि अहिल्यानगर के जिलाधिकारी चार सप्ताह के भीतर छह करोड़ रुपये न्यायालय में जमा करें।

यह राशि संबंधित विभाग से वसूल कर अथवा अपने स्तर से उपलब्ध कराई जाए, साथ ही इस मामले में विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की आआंतरिक जांच कर उनके विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया जाए।

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