

Schools And Colleges Closed Due To Floods: पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ से हालत बद से बदतर होते जा रहे हैं। चारों ओर बाढ़ के कारण हाहाकार मचा हुआ है। अभी तक बाढ़ में 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3.5 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्य के सभी शिक्षण संस्थान 7 सितंबर तक बंद रखने की घोषणा की है।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार को इसकी घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार, बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, पंजाब भर के सभी सरकारी/सहायता प्राप्त/मान्यता प्राप्त और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक 7 सितंबर 2025 तक बंद रहेंगे। सभी से अनुरोध है कि वे स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें।'
बता दें कि, इससे पहले राज्य में बाढ़ से बिगड़े हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 27 से 30 अगस्त तक स्कूल बंद रखने का ऐलान किया था। इसके बाद 3 सितंबर तक बढ़ाई गई थी। वहीं अब 7 सितंबर तक बंद रखने की घोषणा की गई है।
इस समय भारी बारिश के कारण पंजाब बाढ़ के कहर से जूझ रहा है। राज्य कि ब्यास, रावी, घग्गर औरसतलुज जैसी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। प्रदेश के लगभग 1000 से अधिक गांव बाढ़ के चपेट में आ चुका है। गांव टापू में तबदील हो गए हैं। जिससे लोगों को गंभीर परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। राहत व बचाव कार्यों के लिए आपदा प्रबंधन दल पूरी क्षमता के साथ जुटे हुए हैं और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिशें लगातार जारी हैं।
वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो दिन और तेज बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इस बीच, राज्य सरकार ने विशेष “गिरदावरी” यानी फसल नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं, जो बाढ़ का पानी उतरने के बाद शुरू होगा। बाढ़ के कारण किसानों को खासकर धान की फसल के समय भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 23 टीमें, सेना, वायुसेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की टीमें लगातार प्रभावित जिलों में तैनात हैं। इसके साथ ही 114 नावें और राज्य सरकार का एक हेलीकॉप्टर भी बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं। अब तक 15,688 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है।