स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों का 'स्पर्श' के कारण अटका वेतन, तकनीकी समस्या से 1200 परिवारों की परेशानी

E-Sparsh System Issue: यवतमाल में एनएचएम कर्मचारियों का वेतन दो महीनों से लंबित है। ई-स्पर्श प्रणाली की तकनीकी खामियों से वेतन वितरण बाधित हुआ है। संविदा कर्मचारी आर्थिक संकट में हैं।
स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों का 'स्पर्श' के कारण अटका वेतन
स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों का 'स्पर्श' के कारण अटका वेतन (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Yavatmal Health Mission News: राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान (एनएचएम) के तहत कार्यरत कर्मचारियों का वेतन पिछले दो महीनों से अटका हुआ है। दिवाली के बाद वेतन वितरण के लिए उपयोग की जा रही ‘स्पर्श’ नामक ऑनलाइन प्रणाली में लगातार तकनीकी बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। लेकिन वेतन न मिलने से कर्मचारियों का मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है। इसी कारण स्वास्थ्य अभियान अब ‘अस्वास्थ्य अभियान’ बनता जा रहा है।

एनएचएम के अंतर्गत जिले में 1,200 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, स्वास्थ्य सेविका, लैब टेक्नीशियन, विभिन्न कार्यक्रम समन्वयक, कार्यक्रम सहायक, लेखा प्रबंधक, तहसील समूह संयोजक, सिकल सेल समन्वयक, कुष्ठरोग तकनीशियन, क्षय रोग वरिष्ठ पर्यवेक्षक आदि शामिल हैं।

ई-स्पर्श प्रणाली

पहले इन कर्मचारियों का वेतन PFMS प्रणाली के माध्यम से दिया जाता था, लेकिन बाद में शासन ने ई-स्पर्श प्रणाली लागू की। इस प्रणाली का प्रभावी रूप से संचालन नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण वेतन वितरण पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया है। दिवाली के समय कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला। हड़ताल के बाद सितंबर माह का वेतन केवल 15 दिनों का ही अदा किया गया। अक्टूबर माह का वेतन अभी तक जारी नहीं हुआ है।

स्वास्थ्य अभियान में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले दस वर्षों से सेवाएँ दे रहे हैं, लेकिन उन्हें कभी नियमित रूप से समय पर वेतन नहीं मिला। अब ई-स्पर्श प्रणाली के कारण वेतन और अधिक देर से मिल रहा है।

घर चलाने में हो रही भारी मुश्किलें

सभी कर्मचारी कॉन्ट्रैक्ट (संविदा) पर कार्यरत हैं और उन्हें अपने परिवार का खर्च चलाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। किराना, घर का किराया, बच्चों की शिक्षा, माता-पिता के उपचार और रोजमर्रा के खर्चों के लिए आवश्यक धन उपलब्ध न होने से कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

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