गड़चिरोली जिला अस्पताल की लापरवाही! एनीमिया से 9वीं की छात्रा की उपचार के दौरान मौत, परिजनों ने उठाए सवाल

Gadchiroli News: गड़चिरोली जिला अस्पताल में एनीमिया पीड़ित छात्रा की मौत से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही और सही इलाज न मिलने का गंभीर आरोप लगाया है।
The death of Lakshmi Narote, a student treated for anaemia at Gadchiroli District Hospital, has sparked outrage. Family alleges medical negligence and failure to diagnose the root cause in time.
गड़चिरोली जिला अस्पताल फोटो (सोर्स- नवभारत)
Published on
Updated on

Gadchiroli District Hospital News: गड़चिरोली एक ओर सरकार जिले को स्टील हब बनाने की योजना पर काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों से आम नागरिक हताश दिखाई दे रहे हैं। गड़चिरोली तहसील अंतर्गत आने वाले पोटेगांव स्थित सरकारी आश्रमशाला की 17 वर्षीय छात्रा लक्ष्मी नरोटे की मौत को लेकर उसके परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का शिकार हुई है। जिले में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाली घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। हाल ही में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने जिले का दौरा कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की थी।

ऐसे में गड़चिरोली तहसील के जमगांव निवासी 17 वर्षीय लक्ष्मी बाबूराव नरोटे का 24 फरवरी की रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी। वह गड़चिरोली के एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना अंतर्गत पोटेगांव स्थित सरकारी माध्यमिक आश्रमशाला में कक्षा 9वीं की छात्रा थी। लक्ष्मी के शरीर में खून की कमी (एनीमिया) होने के कारण उसे  21 फरवरी को जिला अस्पताल में भर्ती  कराया गया था। अगले दिन डाक्टरों ने रक्त चढ़ाने की सलाह दी, जिसके बाद उसे चार यूनिट रक्त चढ़ाया गया।  मंगलवार शाम को लक्ष्मी को सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जिस पर उसे ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया।

बुधवार सुबह उसे दो बार खून की उल्टी हुई, जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई। छात्रा की हालत नाजुक होने की सूचना - मिलते ही सहायक जिलाधिकारी तथा परियोजना अधिकारी अरुण एम। तत्काल जिला अस्पताल पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने जिला शल्य  चिकित्सक डा. वर्षा लहाड़े से चर्चा की। इसके बाद अस्पताल के डाक्टरों की टीम छात्रा के उपचार में जुट गई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। शाम को हालत और बिगड़ने पर डाक्टरों ने उसे नागपुर रेफर करने की सलाह दी। रात में 108 एंबुलेंस से नागपुर ले जाते समय आरमोरी के पास रास्ते में ही लक्ष्मी ने दम तोड़ दिया।

सामान्य बीमारी में भी नागपुर-चंद्रपुर रेफर

आश्रम विद्यालयों में अध्ययनरत आदिवासी विद्यार्थियों की सुविधाओं के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की विशेष देखभाल करने के लिए शासन द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार के परिपत्र के अनुसार विद्यार्थियों की नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए चलित (फिरते) स्वास्थ्य पथक नियुक्त किए गए है। साथ ही गंभीर रूप से बीमार छात्रों के उपचार हेतु सरकार की ओर से लाखों रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

निर्देशों में यह भी उल्लेख है कि यदि किसी सरकारी आश्रम विद्यालय का विद्यार्थी उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती होता है, तो उसके उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा आवश्यक सभी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। इसके बावजूद जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि सामान्य बीमारियों के मामलों में भी विद्यार्थियों को जिला अस्पताल में समुचित उपचार देने के बजाय सीधे नागपुर या चंद्रपुर रेफर किया जा रहा है।

सही समय पर नहीं हुआ उपचार

  • लक्ष्मी को 12 से 27 दिसंबर 2025 तथा 12 से 21 जनवरी के बीच भी खून की कमी के कारण जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। इसके बाद 21 फरवरी को फिर भर्ती किया गया।
  • परिजनों का आरोप है कि बार-बार खून की कमी होने के बावजूद यह पता नहीं लगाया जा सका कि उसके शरीर में खून क्यों कम हो रहा था।
  • जिला अस्पताल में आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ डाक्टर और चिकित्सा महाविद्यालय की उपलब्धता के बावजूद बीमारी के मूल कारण का पता न चल पाना स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता दर्शाता है।
  • लक्ष्मी के पिता बाबूराव नरोटे ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के रोग का सही समय पर उपचार नहीं किया गया, जिससे उसकी जान चली गई।

मृत्यु के वास्तविक कारणों की जांच की जाएगी

गड़चिरोली जिला शल्य चिकित्सक डा. छाया उइके लक्ष्मी के शरीर में खून की कमी होने के कारण उसे रक्त चढ़ाया गया था। किसी अन्य व्यक्ति का रक्त देने के बाद रक्त में किसी संक्रमण या वायरस की जांच के लिए समय लगता है। अस्पताल में उसे उचित उपचार और विशेष देखभाल दी गई थी। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की जांच की जाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com