'एनसीआरटी' की शिक्षा नीति: अभिभावकों और शिक्षकों को रुझान जानने में होगी मदद

NCERT Education Policy: एनसीआरटी ने अब 'करियर कार्ड' का विकल्प अपनाया है।इस कार्ड के जरिए छात्र 13 क्षेत्रों में 500 तरह की नौकरियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
छात्र अपनी रुचि के अनुसार उपयुक्त करियर चुन सकेंगे
छात्र अपनी रुचि के अनुसार उपयुक्त करियर चुन सकेंगे (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Yavatmal News: राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने स्कूली शिक्षा को रोजगारपुरक बनाने की पहल की है। नई शिक्षा नीति में व्यवसायिक शिक्षा को महत्व दिया जा रहा है। इसी नीति को लागू करते हुए, एनसीआरटी ने अब 'करियर कार्ड' का विकल्प अपनाया है। इस कार्ड के जरिए छात्र 13 क्षेत्रों में 500 तरह की नौकरियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

इसके लिए छात्रों को स्कूल से ही यह मंत्र पढ़ाया जाएगा कि, वे क्या बनना चाहते हैं और उन्हें किस क्षेत्र में अपना करियर बनाना है। करियर कार्ड छात्रों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार उपयुक्त करियर चुनने में मदद करेगा।

रोजगारपुरक शिक्षा प्रदान

विभिन्न क्षेत्रों में करियर के अवसरों, आवश्यक कौशल और शिक्षा की जानकारी प्रदान की जाएगी। कक्षा 6 से ही छात्रों को रोजगारपुरक शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।अक्सर, छात्र कॉलेज से स्नातक तो कर लेते हैं, लेकिन उन्हें अपने करियर के लिए सही दिशा नहीं मिल पाती है।

शैक्षणिक यात्रा व्यर्थ नहीं

इस कारण छात्रों के सामन नौकरी की समस्या पैदा हो जाती है पर, अगर उन्हें स्कूल में रहते हुए ही अपनी प्रतिभा और रुचियों के बारे में पता चल जाए, तो उनकी शैक्षणिक यात्रा व्यर्थ नहीं जाएगी। वे सही समय पर यह पहचान सकेंगे कि उन्हें कौन सी शिक्षा लेनी चाहिए। इससे शिक्षकों और अभिभावकों को भी सही चुनाव करने में मदद मिलेगी।

मनचाहे करियर का चुनाव

छात्र अपने मनचाहे करियर का चुनाव कर सकेंगे और जीवन में सफल हो सकेंगे। छात्र इस कार्ड के माध्यम से 13 क्षेत्रों में 500 प्रकार की नौकरियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसलिए, बच्चों को सही समय पर पता चल जाएगा कि वे क्या करना चाहते हैं, उनका रुझान किस ओर है। छात्र अपनी रुचि, योग्यता और व्यक्तित्व का मूल्यांकन कर सकेंगे।

सही समय पर क्षेत्र चुनने में गलती नहीं होगी

प्राचार्य डॉ. प्रशांत गावंडे ने कहा कि छात्र का पसंदीदा विषय, उसका रुझान किस कोर्स में है। सही समय पर क्षेत्र चुनने में कोई गलती नहीं होगी, इसलिए शिक्षकों और अभिभावकों को चिंता करने की ज़रूरत नहीं होगी। इससे उन्हें भी मदद मिलेगी कि शिक्षा प्राप्त करते ही छात्र अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं।

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