वंदे भारत ट्रेन कितनी सुरक्षित? मवेशी के टकराने से हो गई क्षतिग्रस्त, Photos Viral

Vande Bharat Train: सीतापुर में वंदे भारत ट्रेन 20 मिनट रुकी रही। ट्रेन जानवर से टकराई थी। इससे इसका अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रेन को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ और थोड़े देर बाद रवाना हो गई।
How safe is the Vande Bharat train? It was damaged after colliding with a cattle, photos went viral
क्षतिग्रस्त वंदे भारत एक्सप्रेस।
Published on
Updated on

Vande Bharat Train News: उत्तर प्रदेश के सीतापुर के अटरिया कस्बे में शुक्रवार शाम बड़ा रेल हादसा टल गया। डालीगंज (गोमतीनगर) से सहारनपुर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस अटरिया क्षेत्र में नीलगांव रेलवे क्रॉसिंग संख्या 39-सी के पास एक मवेशी से टकरा गई। घटना शाम 5 बजे की है। टक्कर में मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, वंदे भारत एक्सप्रेस के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद ट्रेन को अटरिया स्टेशन पर 20 मिनट रोकना पड़ा। इससे यात्रियों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। वहीं, सोशल मीडिया पर यूजर्स ट्रेन की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठाने लगे हैं। ट्रेन के क्षतिग्रस्त हिस्से का फोटो शेयर कर एक यूजर ने लिखा कि इससे मजबूत तो मारूती की कार की बोनट होती है।

अटरिया स्टेशन मास्टर संजय सिंह ने बताया कि मवेशी के टकराने से ट्रेन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। क्षतिग्रस्त हिस्से को अस्थायी रूप से बांधकर सुरक्षित किया गया। इसके बाद ट्रेन को गंतव्य की ओर रवाना किया गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई यात्री घायल नहीं हुआ। रेलवे प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।

9 दिसंबर से दोबारा शुरू हुआ है संचालन

लखनऊ से सहारनपुर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस 9 दिसंबर से रोज संचालन शुरू हुआ है। ट्रेन सोमवार छोड़कर सप्ताह के सभी दिन चलेगी। रेलवे ने टिकट बुकिंग खोल दी है। अभी 420 सीटें उपलब्ध हैं। लखनऊ से सीतापुर तक चेयरकार का किराया 495 रुपए और एग्जीक्यूटिव क्लास का 930 रुपए तय है। 80 किमी का यह सफर ट्रेन 1 घंटा 5 मिनट में पूरा करेगी।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंतिम परीक्षण पूरा

भारतीय रेलवे ने स्वदेशी रूप से डिजाइन वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का अंतिम चरण का हाई-स्पीड परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने इस संबंध में बताया कि रेल सुरक्षा आयुक्त की देखरेख में किया गया यह परीक्षण कोटा-नागदा खंड पर हुआ। वहां ट्रेन ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूर्व में कई बार निर्धारित समय सीमा से चूक चुकी है। नवंबर के मध्य में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि यह ट्रेन दिसंबर में शुरू की जाएगी। वैष्णव ने 30 दिसंबर को अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर सुरक्षा परीक्षण का एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में पानी से भरे गिलास ट्रेन की तेज गति के बावजूद स्थिर रहे।

Navbharat Live
navbharatlive.com