
स्विट्जरलैंड क्लब अग्निकांड (सोर्स-सोशल मीडिया)
Swiss Club Fire Investigation 2026: स्विट्जरलैंड के एक लग्जरी क्लब में नए साल के जश्न के दौरान लगी भीषण आग ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 47 हो गया है, जबकि 115 से अधिक लोग अस्पतालों में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आग की शुरुआत के खौफनाक पलों को देखा जा सकता है, जिसने चंद सेकंड में पूरे क्लब को राख कर दिया। स्विस अधिकारी इस घटना की गहनता से जांच कर रहे हैं ताकि सुरक्षा चूक के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
इंटरनेट पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि शैंपेन की बोतलों पर जलती मोमबत्तियां क्लब की कम ऊंचाई वाली छत के करीब पहुंच गई थीं। दावा किया जा रहा है कि छत पर लगे साउंडप्रूफिंग फोम ने आग पकड़ ली और कुछ ही क्षणों में पूरा हॉल धुएं से भर गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते और चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं, जो इस त्रासदी की भयावहता को बयां करता है।
🚨🇨🇭47 DEAD IN SWISS NIGHTCLUB INFERNO: FLAMING CHAMPAGNE BOTTLE SPARKED BLAZE At least 47 people are dead after a New Year’s Eve fire ripped through Le Constellation nightclub in the Swiss ski resort of Crans-Montana. Witnesses say a champagne bottle topped with “birthday… https://t.co/O3dHlvcofD pic.twitter.com/Q2yzKzd3Wf — Mario Nawfal (@MarioNawfal) January 2, 2026
अटॉर्नी जनरल बीट्रिस पिलूड ने बताया कि प्राथमिक जांच में ‘फ्लैशओवर’ की संभावना पर ध्यान दिया जा रहा है, जो बेहद खतरनाक स्थिति होती है। जब गर्म गैसें छत के पास जमा हो जाती हैं और तापमान अचानक बढ़ता है, तो कमरे के सभी ज्वलनशील पदार्थ एक साथ जल उठते हैं। इसी वजह से आग इतनी तेजी से फैली कि जश्न मना रहे लगभग 200 लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
स्विस प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या क्लब में अग्नि सुरक्षा मानकों और इंटीरियर इंसुलेशन के नियमों का सही पालन किया गया था। जांच टीम छत की सामग्री, आपातकालीन निकास द्वारों की संख्या और क्लब की क्षमता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत समीक्षा कर रही है। हालांकि पुलिस ने किसी भी आतंकी साजिश की बात को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे एक बड़ा हादसा माना है।
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हादसे के तुरंत बाद वालाइस कैंटन की इमरजेंसी टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था ताकि अधिक से अधिक लोगों को बचाया जा सके। गंभीर रूप से झुलसे 115 लोगों का इलाज जारी है और उनमें से कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने का डर है। प्रशासन ने पीड़ितों के परिजनों के लिए विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए हैं ताकि उन्हें समय पर जानकारी मिल सके।






