
Eknath Shinde (सोर्सः सोशल मीडिया)
Thane Municipal Corporation: ऐसा प्रतीत होता है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में भी उन्हें घेरने की रणनीति बीजेपी ने बनानी शुरू कर दी है। पार्टी हाईकमान के दबाव में गठबंधन कर ठाणे महानगरपालिका का चुनाव लड़ने वाली बीजेपी शिवसेना के साथ सत्ता में भी शामिल हो गई।
मंगलवार को हुए मेयर चुनाव में शिवसेना की पार्षद शर्मिला पिम्पोलकर मेयर बनीं, जबकि शुरुआती विरोध के बावजूद बीजेपी भी ठाणे महानगरपालिका (टीएमसी) की सत्ता में शामिल हुई और अपने पार्षद कृष्णा पाटिल को डिप्टी मेयर बनाया।
उल्लेखनीय है कि 131 सदस्यों वाली ठाणे महानगरपालिका में शिवसेना के 75 नगरसेवक चुने गए हैं, जिससे पार्टी को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ है। बीजेपी दूसरे स्थान पर रही, जिसके 28 नगरसेवक निर्वाचित हुए।
बीजेपी के स्थानीय नेता ठाणे में शिवसेना के साथ गठबंधन न कर विपक्ष की भूमिका निभाना चाहते थे। पहले उन्होंने मनपा में प्रमुख पदों के बंटवारे को लेकर दबाव भी बनाया, लेकिन पार्टी हाईकमान के निर्देश के बाद उन्हें सत्ता में शामिल होना पड़ा।
इसका स्पष्ट संकेत बीजेपी विधायक संजय केलकर के बयान से मिलता है। उन्होंने कहा कि सत्ता किसी की भी हो, ठाणे महानगरपालिका में होने वाले भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ वे और उनकी पार्टी लगातार आवाज़ उठाते रहेंगे।
विधायक संजय केलकर ने कहा कि ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में सत्ता में होने के बावजूद बीजेपी ठाणेकरों की भलाई और शहर के पारदर्शी विकास के लिए “लोगों के पहरेदार” की भूमिका निभाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि महायुति सरकार में शामिल होने के कारण निचले स्तर पर पदों के बंटवारे का निर्णय राज्य स्तर के बड़े नेताओं ने लिया है। अन्य महानगरपालिकाओं की तरह यह फार्मूला ठाणे में भी लागू किया गया है। हालांकि, बीजेपी का प्रयास पदों के बंटवारे में पार्टी के सम्मान को बनाए रखने का रहा है।
केलकर ने कहा कि पार्टी ठाणे की जनता से किए गए चुनावी वादों और घोषणापत्र के अनुसार काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। अच्छी योजनाओं का समर्थन किया जाएगा, लेकिन यदि कहीं गलत काम हुआ तो उसका विरोध कर उसे रोकने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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नवी मुंबई, कल्याण और मीरा-भायंदर महानगरपालिकाओं की तरह ठाणे में भी शिवसेना को घेरने की कोशिश कर रहे बीजेपी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि मुंबई में बीजेपी को शिवसेना और एकनाथ शिंदे की ज़रूरत है, इसलिए ठाणे में पार्टी को चुप कराया जाता है।
बीजेपी के एक वरिष्ठ नगरसेवक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि मुंबई की राजनीतिक मजबूरियों का खामियाजा ठाणे बीजेपी को भुगतना पड़ रहा है। कार्यकर्ताओं की इच्छा न होने के बावजूद हमें टीएमसी की सत्ता में शामिल होकर केवल डिप्टी मेयर के पद से संतोष करना पड़ रहा है।
(इनपुट: सूर्यप्रकाश मिश्र, ठाणे)






