

Barshi Development Works: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बार्शी में आयोजित एक भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं का है। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों की पृष्ठभूमि में बुधवार को हुई इस सभा में उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि विरोधियों की तमाम बाधाओं के बावजूद जनहित की एक भी योजना बंद नहीं होने दी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों ने योजनाओं को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया और तरह-तरह के आरोप लगाए, लेकिन सरकार ने जनता से जो वादा किया है, उसे हर हाल में निभाया जाएगा। उन्होंने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना’, ‘लेक लाडकी लखपती योजना’ और किसानों के लिए शुरू की गई विभिन्न सम्मान योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये योजनाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी।
एक भावुक प्रसंग साझा करते हुए शिंदे ने बताया कि फीस न भर पाने के कारण एक छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने सरकार को झकझोर कर रख दिया था। उन्होंने कहा, “यदि कोई बेटी शिक्षा के लिए अपनी जान दे रही है, तो फिर सरकार का क्या औचित्य है?” इसी संवेदनशीलता के चलते कैबिनेट ने तत्काल निर्णय लेते हुए लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए 100 प्रतिशत फीस माफी लागू की।
कार्यकर्ताओं को पार्टी की रीढ़ बताते हुए शिंदे ने कहा कि वे स्वयं भी मूल रूप से एक कार्यकर्ता ही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सरकार जनता की है और यह पैसा भी जनता का है, जिसे जनता के विकास के लिए ही खर्च किया जा रहा है।” अंत में उन्होंने क्षेत्र की जनता से विकास की रफ्तार बनाए रखने के लिए दिलीप सोपल के उम्मीदवारों को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।