भिवंडी मनपा में मेयर को लेकर भाजपा में दो फाड़, विधायक महेश चौगुले को लगा झटका, 46 का आंकड़ा बना पहेली

Bhiwandi Mayor Election: भिवंडी मनपा महापौर पद को लेकर भाजपा में खुली कलह सामने आई है। नारायण चौधरी के नाम का विरोध करते हुए कई नगरसेवक सुमित पाटिल के समर्थन में उतर आए हैं।
Bhiwandi Municipal CorporationMayor Election BJP Internal Conflict
भिवंडी महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bhiwandi BJP Internal Conflict: ठाणे जिले की भिवंडी महानगरपालिका महापौर को लेकर भाजपा में 'आल इज बेल नहीं है'। भिवंडी मनपा में महायुति का महापौर बिठाने की जोर आजमाइश में जुटे भाजपा विधायक महेश चौगुले की कोशिशों को भारी धक्का लगा है। 2 दिन पूर्व महापौर नाम को लेकर हुई चर्चा से नाराज करीब दर्जन नगरसेवकों द्वारा नारायण चौधरी के नाम का विरोध कर पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल के भतीजे वरिष्ठ पार्षद सुमित पाटिल के पक्ष में हो चुके हैं। महापौर नाम को लेकर भाजपा में दो फाड़ हो चुका है।

सूत्रों की मानें तो, भाजपा के अधिसंख्यक नगरसेवक पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल से भेंटकर वरिष्ठ पार्षद सुमित पाटिल को महापौर बनाए जाने का समर्थन दे चुके हैं। गौरतलब हो कि 2 दिन पूर्व भिवंडी कल्याण मार्ग स्थित केएन पार्क होटल में भाजपा विधायक महेश चौगुले की अध्यक्षता में महापौर के नाम की चर्चा के लिए नगरसेवकों की बैठक हुई थी।

भिवंडी भाजपा में महापौर को लेकर अंतर्कलह

भाजपा विधायक महेश चौगुले, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि सावंत, भाजपा गुट नेता संतोष शेट्टी सहित तमाम नगरसेवकों द्वारा नगरसेवक नारायण चौधरी और सुमित पाटिल के नाम पर चर्चा कर अंततः दोनों नामों को शीर्ष नेतृत्व को भेजने की सहमति हुई, बैठक के बाद भाजपा के करीब दर्जन भर पुराने, निष्ठावान नगरसेवकों ने नारायण चौधरी के नाम पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पहली बार भाजपा से चुने गए नगरसेवक नारायण चौधरी पूर्व में शिवसेना में रहकर तमाम चुनावों में भाजपा का बड़ा नुकसान किया है। चौधरी को किसी भी हालत में महापौर का उम्मीदवार नहीं बनाया जाना चाहिए।

भाजपा विधायक चौगुले मनमानी तरीके से दबाव की राजनीति कर भिवंडी में भाजपा पार्टी का नुकसान करने पर तुले हुए हैं। भाजपा वरिष्ठ नगरसेवक निलेश चौधरी, यशवंत टावरे, एड वैभव भोईर, प्रकाश टावरे सहित करीब दर्जन भर भाजपा नगरसेवकों का गुट पार्षद सुमित पाटिल के समर्थन और नारायण चौधरी के विरोध में उतर चुका है।

महापौर के नाम की घोषणा के पूर्व ही भिवंडी भाजपा में नगरसेवकों का अंतर्कलह खुल कर सामने आ गया है। मनपा प्रभाग क्रमांक 22 से अपक्ष नगरसेवक नितेश एनकर भी भाजपा वरिष्ठ नगरसेवक निलेश चौधरी के साथ वरिष्ठ पार्षद सुमित पाटिल को ही महापौर बनाए जाने में जुटे है।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि, पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल भी अपने राजनीतिक कौशल के दम पर अपने भतीजे मनपा वरिष्ठ पार्षद सुमित पाटिल को भिवंडी मनपा महापौर बनाए जाने की कवायद में जुटे हैं।

बहुमत के लिए 46 के जादुई आंकड़े से सभी दूर

90 नगरसेवकों वाली भिवंडी मनपा में कांग्रेस 30, भाजपा 22, शिवसेना 12, सपा 6, राष्ट्रवादी 12, कोणार्क विकास आघाड़ी 4, भिवंडी विकास मंच 3 व 1 निर्दलीय नगरसेवक शामिल है। भिवंडी मनपा में महापौर बनाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल के पास बहुमत का 46 जादुई आंकड़ा नहीं होने से महापौर का चुनाव सिर्फ अन्य दलों के गठबंधन पर ही टिका है।

महायुति अन्य दलों के आसरे अपना महापौर बिठाने की जद्दोजहद में जुटी है। भिवंडी में भाजपा- शिवसेना ने अलग-अलग चुनाव लड़ा है। शिवसेना ने अभी तक कोई प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।

धन बल पर होता रहा है मेयर का चुनाव

भिवंडी के इतिहास में महापौर का चुनाव करीब 25 वर्षों से संख्याबल के आधार पर नहीं केवल धनबल के आधार पर होता रहा है। मनपा चुनाव में सपा विधायक रईस शेख के दम पर जीत हासिल करने वाली सर्वाधिक नगरसेवकों वाली कांग्रेस पार्टी के अधिकांश नगरसेवक महापौर बनाए जाने की खातिर नाट रिचेबल हैं लेकिन बहुमत का आंकड़ा कोसों दूर दिखाई देने से समर्थकों में मायूसी है। आंकड़ों को देखें तो महायुति अगर एकजुट हुई तो भी महापौर बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए काफी मशक्कत करनी होगी। राजनीतिक जानकारों की मानें तो, महायुति का महापौर बनाने में पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल पाटिल के साथ ही विधायक महेश चौगुले की कूटनीतिक भूमिका अहम होगी। कोंकण विभागीय आयुक्त द्वारा भिवंडी मनपा महापौर चुनाव तारीख की घोषणा जल्द होने के आसार हैं।

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