
Nashik politics news (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik BJP: नासिक भाजपा में लंबे समय से जारी आंतरिक कलह अब चरम पर पहुंच गई है। पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और गुटबाजी को देखते हुए संकटमोचक माने जाने वाले मंत्री गिरीश महाजन ने कड़ा रुख अपनाया है। महाजन ने कहा कि पार्टी में काम करते समय छोटे-मोटे मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन नासिक में पिछले कुछ महीनों से चले आ रहे विवाद निश्चित रूप से गंभीर हैं। उन्होंने घोषणा की कि वे इस पूरे मामले में मुख्यमंत्री से चर्चा करेंगे और शहर के विधायकों व प्रमुख पदाधिकारियों को मुंबई बुलाकर सख्त हिदायत दी जाएगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से स्थानीय पदाधिकारी यह आरोप लगा रहे थे कि मंत्री महाजन उन्हें विश्वास में नहीं ले रहे हैं। हालांकि, महाजन के ताजा बयान से यह संकेत मिल रहे हैं कि वे स्वयं शहर के विधायकों और स्थानीय नेताओं के बीच जारी आपसी खींचतान से परेशान हैं।
विवाद की शुरुआत तब और तेज हो गई, जब महापौर और उपमहापौर पद के चयन में अनदेखी का आरोप लगाते हुए महानगर अध्यक्ष सुनील केदार ने प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इससे पहले पार्टी में नए लोगों के प्रवेश को लेकर भी तीनों स्थानीय विधायकों ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी।
‘एबी फॉर्म’ वितरण के दौरान भी भारी हंगामा देखने को मिला था। शहर के तीनों विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से महापौर या अन्य महत्वपूर्ण पदों पर अपने समर्थकों की नियुक्ति के लिए अड़े हुए हैं। इस पर मंत्री महाजन ने स्पष्ट किया कि पार्टी दूरदृष्टि के साथ निर्णय लेती है और सभी को पार्टी की नीतियों के अनुसार चलना चाहिए।
मंत्री महाजन ने जोर देकर कहा कि मनपा में अब भाजपा की एकतरफा सत्ता है और आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए शहर में बड़े पैमाने पर विकास कार्य शुरू हैं। यदि आंतरिक कलह इसी तरह जारी रही, तो नवनिर्वाचित महापौर और अन्य पदाधिकारियों के लिए काम करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने साफ किया कि इस विवाद को जल्द समाप्त कर सभी विधायकों और पदाधिकारियों को एकजुट होकर काम करना होगा, तभी शहर का समुचित विकास संभव है। अब सभी की निगाहें मुंबई में होने वाली आगामी बैठक पर टिकी हैं।






