मुंबई-पुणे जाने वाले ध्यान दें! एक्सप्रेसवे और पुराना हाईवे दोनों ठप; जानें क्या है वैकल्पिक मार्ग

Mumbai Pune Expressway Closed : मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खोपोली के पास केमिकल टैंकर पलटने से 17 घंटे से जाम लगा है। प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी है।
Mumbai Pune Expressway Closed Alternative Route
मुंबई पुणे एक्सप्रेसवे पर पलटा टैंकर, लगा वाहनों का जाम (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Alternative Route From Mumbai To Pune: महाराष्ट्र की दो सबसे महत्वपूर्ण कड़ियों, मुंबई और पुणे को जोड़ने वाला एक्सप्रेसवे मंगलवार से भीषण संकट का सामना कर रहा है। खोपोली के पास अडोशी सुरंग (Adoshi Tunnel) के पास रसायनों से लदे एक टैंकर के पलटने के कारण यातायात पिछले 17 घंटों से पूरी तरह ठप है।, इस दुर्घटना ने न केवल एक्सप्रेसवे बल्कि पुराने मुंबई-पुणे हाईवे को भी पूरी तरह से जाम कर दिया है, जिससे हजारों यात्री बीच सड़क पर फंस गए हैं।

भूख-प्यास और चिकित्सा सहायता का अभाव

सोशल मीडिया पर सामने आ रही खबरों और यात्रियों की आपबीती के अनुसार, स्थिति बेहद चिंताजनक है। जाम में फंसे हजारों यात्रियों में छोटे बच्चे, बुजुर्ग और रात भर सफर करने वाले बस यात्री शामिल हैं, जिन्हें घंटों से भोजन, पीने का पानी, शौचालय या किसी भी प्रकार की चिकित्सा सहायता नहीं मिली है।, यात्रियों ने इस स्थिति को 'अत्यंत कष्टदायक' बताया है और आपातकालीन स्थिति से निपटने में अधिकारियों की अक्षमता पर कड़े सवाल उठाए हैं।

प्रशासन पर फूटा गुस्सा: 'टोल वसूली चालू, सहायता बंद'

यात्रियों का सबसे बड़ा आक्रोश इस बात पर है कि संकट की इस घड़ी में भी प्रशासन और टोल कंपनियां संवेदनहीन बनी रहीं। एक यात्री ने दावा किया कि वह 12-13 घंटों से फंसा हुआ था, लेकिन एक्सप्रेसवे कंट्रोल रूम (9822498224) और हाईवे पुलिस (9833498334/100) के हेल्पलाइन नंबरों पर कोई जवाब नहीं मिला। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जहां एक ओर यात्री बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे थे, वहीं आईआरबी (IRB) द्वारा टोल वसूली कथित तौर पर जारी रही, जिसकी सोशल मीडिया पर 'आपराधिक कुप्रबंधन' के रूप में आलोचना की जा रही है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर पर उठे सवाल

इंटरनेट यूजर्स ने इस घटना को लेकर सरकार के 'ट्रिलियन-डॉलर इकोनॉमी' के दावों पर तंज कसा है। नेटिजन्स का कहना है कि क्या हम वास्तव में ट्रिलियन-डॉलर के लायक बुनियादी ढांचा बना रहे हैं, जहां एक दुर्घटना पूरे सिस्टम को 15-17 घंटों के लिए पंगु बना देती है? यात्रियों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें यात्रा से बचने या यू-टर्न लेने के लिए कोई सार्वजनिक घोषणा या मार्गदर्शन नहीं दिया गया।

प्रशासन ने की वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील

महाराष्ट्र राजमार्ग यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि जब तक सामान्य व्यवस्था बहाल नहीं हो जाती, वे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने से बचें। वर्तमान में, स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने कुछ वाहनों को पुराने मुंबई-पुणे राजमार्ग की ओर मोड़ दिया है। साथ ही, विपरीत लेन से हर 15-20 मिनट के अंतराल पर मुंबई की ओर जाने वाले वाहनों को धीरे-धीरे निकाला जा रहा है। अधिकारियों का अनुमान है कि यह बचाव अभियान बुधवार देर शाम तक जारी रह सकता है, जिसके बाद ही यातायात सामान्य हो पाएगा।

क्या है वैकल्पिक मार्ग?

  • ताम्हिणी घाट रूट: पुणे-  पौड- ताम्हिणी घाट- माणगांव - मुंबई
  • मालशेज घाट रूट: पुणे- चाकन- नारायणगांव- मालशेज घाट- कल्याण/ठाणे।
  • चांदनी चौक- तमहिनी घाट- मुंबई वाया रायगड (पुणे-पिरंगुट-पौड-मुलशी-ताम्हिणी घाट- वरचीवाड़ी- साजे- नंदगांव- पाली- पेडली- रशेत- उम्बारे फिर पुणे मुंबई एक्सप्रेसवे पर)

ट्रेन से यात्रा करने की सलाह

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, टैंकर से जहरीली गैस का रिसाव जारी रहने के कारण जाम अभी कुछ और घंटों तक बना रह सकता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे फिलहाल इस रूट पर यात्रा करने से बचें। यदि यात्रा करना अत्यंत आवश्यक है, तो रेल सेवाओं को सबसे विश्वसनीय विकल्प बताया गया है। यात्री इंटरसिटी एक्सप्रेस, डेक्कन क्वीन, सिंहगढ़ एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी ट्रेनों का चुनाव कर सकते हैं। वर्तमान में पुणे ग्रामीण पुलिस द्वारा फंसे हुए यात्रियों को भोजन और पानी वितरित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

युद्धस्तर पर राहत कार्य जारी

गैस रिसाव की गंभीरता को देखते हुए, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) की विशेषज्ञ टीमों को घटनास्थल पर बुलाया गया है।, चूंकि प्रोपलीन गैस बहुत ज्वलनशील है, इसलिए पुलिस अत्यधिक सावधानी बरत रही है। एक अधिकारी ने जानकारी दी कि अब तक केवल 50 प्रतिशत गैस ही निकाली जा सकी है और शेष गैस को सुरक्षित रूप से निकालने की प्रक्रिया जारी है। विशेषज्ञों ने सुरक्षा के मद्देनजर दुर्घटनास्थल से 5 किलोमीटर के दायरे में यातायात को पूरी तरह बंद रखने की सलाह दी है।

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