
बारामती प्लेन क्रैश का दृश्य (डिजाइन फोटो)
Amol Mitkari Raised Questions Baramati Plane Crash: अजित पवार के निधन के बाद उनकी पार्टी एनसीपी नेतृत्व के संकट से गुजर रही है। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है, लेकिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति है। पवार परिवार की अगली पीढ़ी के नेतृत्व को स्वीकार करने और छिपे विरोध के बीच पार्टी में खींचतान जारी है। इस बीच दिवंगत अजित पवार के करीबी सहयोगी अमोल मिटकरी ने हादसे को लेकर कई गंभीर सवाल उठा कर सभी को सकते में डाल दिया है।
एनसीपी नेता अमोल मिटकरी ने एक पोस्ट के जरिए प्लेन हादसे को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि हादसे में 6 लोगों की मौत हुई, लेकिन असल में 5 शव ही क्यों मिले? छठा शख्स कहां गया? उन्होंने यह भी पूछा कि टेक ऑफ से पहले यात्रियों की सूची डिजिटली रिकॉर्ड की जाती है, तो विसंगति क्यों? साथ ही उन्होंने पूछा कि दुर्घटनास्थल पर कागज का एक टुकड़ा भी जला हुआ क्यों नहीं दिखाई दिया? इतनी बार पायलट क्यों बदले गए? मिटकरी ने इन सवालों की झड़ी लगा दी है। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना अफवा फैलाना नहीं है।
आदरणीय दादा गेले हे अजूनही कुणाचंच मन मान्यायला तयार नाही. काल देवगिरीवरील त्या दोन खुर्च्या बघून परत डोळे पाणावले 😢
त्यातील पहिली खुर्ची – सामान्य माणसाची कामे वा तक्रार नीट बाजूला बसून ऐकणाऱ्या व्यक्तीची.
आणि दुसरी – आदरणीय दादांची!! मृत्यूच्या अगोदरिल दिवशी दुपारनंतर कुठलाच… pic.twitter.com/vkASj7gxVC — आ. अमोल गोदावरी रामकृष्ण मिटकरी (@amolmitkari22) February 1, 2026
अमोल मिटकरी ने कहा कि दादा के चले जाने को अभी भी किसी का मन स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा, ‘शनिवार को देवगिरी पर रखी उन दो कुर्सियों को देखकर फिर आंखें नम हो गईं। उनमें पहली कुर्सी आम आदमी के काम और शिकायतें ध्यान से सुनने वाले व्यक्ति की थी और दूसरी दादा की थी।’ इसके बाद उन्होंने मन में उठ रहे सवालों को सामने रखा। मिटकरी ने कहा, ‘मौत का राजनीतिकरण करने का पाप मैं तो नहीं करूंगा। लेकिन ये सवाल मेरा मन पूछ रहा है।’
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बता दें कि 28 जनवरी को पुणे के बारामती हवाई अड्डे पर अजित पवार का प्लेन क्रैश हो गया था, जिसमें राज्य के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री समेत 5 लोगों का निधन हो गया था। वे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के प्रचार के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। हालांकि इस इस हादसे के बारे में DGCA ने शुरुआत में 6 लोगों की मौत की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में मौत का आंकड़ा 5 बताया गया। इसमें तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार, दो पायलट, फ्लाइट अटेंडेंट व अजित पवार के निजी सुरक्षा अधिकारी शामिल थे।






