
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व अजित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Devendra Fadnavis On NCP Merger: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य और उसके संभावित विलय को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को उन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि 12 फरवरी को एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की आधिकारिक घोषणा होने वाली थी।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब शरद पवार ने शनिवार को दावा किया कि उनके भतीजे अजित पवार ने दोनों गुटों के विलय की घोषणा के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की थी। उन्होंने यह भी कहा कि अजित पवार की मृत्यु के कारण अब इस प्रक्रिया में रुकावट आ सकती है।
इसके जवाब में फडणवीस ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी तारीख की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि बीजेपी किसी भी तरह के विलय का विरोध कर रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अजित पवार एनडीए (NDA) में स्थिर थे और उनके जाने का कोई संकेत नहीं था।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि स्वर्गीय अजित पवार और उनके बीच गहरे संबंध थे। उन्होंने कहा कि 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले अजित पवार उनसे हर बात साझा करते थे। फडणवीस के अनुसार, यदि विलय की बातचीत अपने अंतिम चरण में होती, तो अजित पवार ने निश्चित रूप से उन्हें विश्वास में लिया होता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतनी बड़ी बातचीत बीजेपी (BJP) की जानकारी के बिना अंतिम रूप ले सकती थी?
अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने शनिवार को महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें आबकारी, खेल और अल्पसंख्यक विकास जैसे विभाग दिए गए हैं, लेकिन ‘वित्त और योजना’ विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने पास ही रखा है। इस पर सफाई देते हुए फडणवीस ने कहा कि आगामी राज्य बजट उन्हें ही पेश करना है। उन्होंने तर्क दिया कि बजट केवल भाषण देना नहीं है, बल्कि इसमें कई विभागीय बैठकें शामिल होती हैं, जो सुनेत्रा पवार के लिए तुरंत संभव नहीं था। बजट सत्र के बाद इस विभाग पर दोबारा विचार किया जाएगा।
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सुनेत्रा पवार के जल्दबाजी में हुए शपथ ग्रहण की आलोचना पर फडणवीस ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां कभी-कभी ऐसे निर्णय लेने पर मजबूर करती हैं। इसके साथ ही, अजित पवार के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वह 7 फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनावों के लिए प्रचार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सभाओं में राजनीतिक टिप्पणियों से इस समय बचना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मुंबई में फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना पर भी अपडेट दिया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है।






