
Dada Bhagwan Foundation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Thane Trimandir: कभी तालाबों की नगरी कहे जाने वाले ठाणे शहर ने तेज़ी से विकास करते हुए आधुनिकता के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान भी बनाए रखी है। यहां हिंदू, जैन और ईसाई धर्मस्थलों के साथ-साथ मुस्लिम, पारसी और यहूदी समुदायों के भी प्राचीन धार्मिक स्थल मौजूद हैं। अब इस ऐतिहासिक शहर की संस्कृति, एकता और सभ्यता के प्रतीक के रूप में एक और अनूठे धार्मिक स्थल-त्रिमंदिर का नाम जुड़ गया है।
देश-विदेश में वस्तुनिष्ठ आत्मज्ञान और अध्यात्म का प्रचार करने वाले दादा भगवान फाउंडेशन एवं महावीर जैन ट्रस्ट की ओर से ठाणे का सबसे बड़ा त्रिमंदिर निर्मित किया गया है। पूरी तरह सफेद संगमरमर की नक्काशीदार शिलाओं से बने इस भव्य और दिव्य मंदिर में जैन और हिंदू धर्म के देवताओं को एक साथ प्रतिष्ठित किया गया है।
दादा भगवान फाउंडेशन के पूज्य दीपक भाई के सान्निध्य में भगवान शिव, पार्वती, अंबा देवी, श्रीकृष्ण, हनुमान, श्री समंधर स्वामी, श्री पद्मनाभ भगवान सहित अनेक देवी-देवताओं की दिव्य मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। तीन दिनों तक चले इस विशेष अनुष्ठान में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव, महावीर जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय आशर, देश-विदेश से आए अतिथि और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस त्रिमंदिर के निर्माण से ठाणे की पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान और अधिक सुदृढ़ हुई है। उन्होंने बताया कि दादा भगवान फाउंडेशन और महावीर जैन ट्रस्ट को ठाणे महानगरपालिका का पूर्ण सहयोग मिला, जिसके चलते यह अनोखा मंदिर रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ। डिप्टी सीएम ने त्रिमंदिर को ठाणे का गौरव बताया।
दादा भगवान फाउंडेशन के पूज्य दीपक भाई ने कहा कि यह त्रिमंदिर ठाणे शहर में भारतीय सनातन संस्कृति, सभ्यता और एकता का प्रतीक बन गया है। वहीं, त्रिमंदिर के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाने वाले महावीर जैन ट्रस्ट के अध्यक्ष अजय आशर ने कहा कि संस्कृति और एकता का यह त्रिमंदिर भक्तों के लिए एक पवित्र उपहार के समान है।
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त्रिमंदिर में श्री तिरुपति बालाजी, श्री गणपति जी, हनुमान जी, श्री तुलजा भवानी माता, श्री अंबे माता, श्री समंधर स्वामी जी महाराज, श्री पद्मावती देवी, श्री पार्वती देवी, श्री पद्मनाभ भगवान, श्रीनाथजी, श्री चक्रेश्वरी देवी, श्री भद्रकाली देवी, श्री ऋषभदेव भगवान, श्री अजितनाथ भगवान, श्री पार्श्वनाथ भगवान, श्री महावीर भगवान, श्री चंद्रायण यक्षदेव, श्री पंचांगुली यक्षिणी देवी और साईं बाबा की मूर्तियों की विधिवत प्राण-प्रतिष्ठा की गई है।
(नवभारत लाइव के लिए ठाणे से सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट)






