Khadakwasla Dam के बीच बन रहा 8-लेन फ्लाईओवर, पानी में 120 गड्ढों की खुदाई जारी

पुणे के Khadakwasla Dam में रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत पानी के भीतर 120 गड्ढों पर 8 लेन फ्लाईओवर बन रहा है। 650 मीटर लंबा ये अनोखा पुल डैम का विहंगम दृश्य देखने के लिए मिलने वाला है।
Pune Water Crisis Dam Storage
खड़कवासला डैम (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News: पुणे के पश्चिमी भाग में स्थित खडकवासला डैम के कैचमेंट एरिया के सांगरूण से मालखेड गांव को जोड़ने के लिए इस कैचमेंट एरिया में पाइल फाउंडेशन तकनीक के तहत रिंग रोड प्रोजेक्ट के एक भाग के रूप में फ्लाईओवर बनाया जाएगा, इसके लिए पानी में गड्ढे किए जा रहे है।

यह फ्लाईओवर करीब 650 मीटर लंबा होगा जबकि फ्लाईओवर बनाने के लिए कुल 276 गड्ढे किए जाएंगे। जिनमें से 120 गड्ढे पानी के अंदर होंगे जबकि बाकी के गड्ढे जमीन पर किए जाएंगे। इनमें से अब तक पानी के अंदर 59 गड्ढे किए गए है।

यह रिंग रोड परियोजना एक बड़ा हिस्सा होगा जो बाद में रिंग रोड से जुड़ेगा और कई गांवों से जुड़ेगा। पुणे जिले में इस तरह का बड़ा पूल किसी भी डैम के कैचमेंट क्षेत्र में नहीं है।

इसमें रिंग रोड के लिए खडकवासला डैम के कैचमेंट क्षेत्र की वजह से विपरीत दिशा गांवों को इस पूल से जोड़ा जाएगा, यानी यह एक्सप्रेस वे होने से स्थानीय ग्रामीणों के लिए उपयोगी नहीं होगा। लेकिन कुछ वर्ष में जब रिंग रोड बन जाएगा तो रिंग रोड से गुजरने वाले सभी प्रकार के वाहनों को डैम के कैचमेंट क्षेत्र का विहंगम दृश्य इस पुल से अनुभव करने का मौका मिलेगा।

डैम परिसर में अप्रैल से काम शुरू कर दिया गया है। फ्लाईओवर के लिए बनने वाले खंभों में 40 से 60 मीटर की दूरी होगी। यह फ्लाईओवर 8 लेन का होगा। 'नवयुगा' कंपनी के जरिए यह काम किया जा रहा है। खडकवासला डैम के पानी में गड्ढे कर खंभे तैयार किए जा रहे है। फ्लाईओवर के कुल 276 गड्ढे खोदे जाएंगे, इनमें से 156 गड्ढे जमीन में और 120 गड्ढे पानी में होंगे।

परियोजना से जुड़ी बातें

  • लेन की संख्या यह एक 8-लेन वाला भव्य फ्लाईओवर होगा।
  • लंबाई: इसकी अनुमानित लंबाई लगभग 650 मीटर होगी।
  • उद्देश्य: यह फ्लाईओवर रिंग रोड के जरिए सांगरूण गांव को मालसखेह गांव से जोड़ेगा, जिससे पुणे शहर की ट्रैफिक समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
  • निर्माण कार्य की स्थितिः निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसे 'नवयुगा' कंपनी द्वारा किया जा रहा है।
  • विशेष निर्माण तकनीक इस पुल के निर्माण के उन्नत 'पाइल फाउंडेशन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिसके तहत सामे खड़े करने के लिए बांध के पानी में भी गड्ढे (पिट्स) खोदे जा रहे है। पुल के लिए कुल 276 गड्ढे खोदे जाने हैं, जिनमें से 120 गड्ढे पानी के अंदर होंगे, हालिया
  • जानकारी के अनुसार, पानी के अंदर 39 गड्ढे खोदे जा चुके हैं, स्तंभों के बीच की दूरी 40 से 60 मीटर के बीच रखी जाएगी।
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