
Arvind Swamy Rajinikanth Untold Story (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Rajinikanth Untold Story: भारतीय सिनेमा के इतिहास में थलाइवा रजनीकांत का नाम न केवल उनकी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए, बल्कि उनकी अकल्पनीय सादगी और दरियादिली के लिए भी स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। सुपरस्टार रजनीकांत ने कभी भी अपने विशाल स्टारडम को अपनी इंसानियत के आड़े नहीं आने दिया। हाल ही में दिग्गज अभिनेता अरविंद स्वामी ने अपनी पहली फिल्म के सेट से जुड़ा एक ऐसा भावुक किस्सा साझा किया, जो रजनीकांत के ‘जमीन से जुड़े’ व्यक्तित्व की एक नई मिसाल पेश करता है।
यह घटना उस समय की है जब अरविंद स्वामी फिल्म इंडस्ट्री में नए थे और रजनीकांत पहले से ही देश के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते थे।
अरविंद स्वामी ने साल 1991 में मणिरत्नम की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘थलपति’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। फिल्म में रजनीकांत और ममूटी जैसे दिग्गज कलाकार थे। अरविंद ने मेलबर्न के इंडियन फिल्म फेस्टिवल में याद करते हुए बताया कि उस वक्त उन्हें फिल्म सेट के ‘प्रोटोकॉल’ और ‘हाइरार्की’ (पदानुक्रम) की बिल्कुल समझ नहीं थी। वे नहीं जानते थे कि सुपरस्टार्स के लिए अलग कमरे और सुविधाएं आरक्षित होती हैं।
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एक दिन शूटिंग के दौरान अरविंद स्वामी सेट पर जल्दी पहुंच गए और थकान के कारण उन्होंने पास में ही एक बिस्तर देखा और वहां सो गए। वे अनजाने में सुपरस्टार रजनीकांत के निजी कमरे में चले गए थे और उन्हीं के बिस्तर पर लेट गए थे। अरविंद ने बताया, “मैं थका हुआ था और मुझे प्रोटोकॉल की जानकारी नहीं थी, इसलिए मैं उस बिस्तर पर सो गया। जब काफी देर बाद मेरी नींद खुली, तो जो मंजर मैंने देखा उसने मुझे हैरान कर दिया।”
जब अरविंद उठे, तो उन्होंने देखा कि सुपरस्टार रजनीकांत उसी कमरे में नीचे जमीन पर सो रहे थे। रजनीकांत ने बिस्तर पर सो रहे नए कलाकार को उठाने के बजाय खुद फर्श पर लेटना बेहतर समझा। रजनीकांत के मेकअप आर्टिस्ट ने अरविंद को बताया कि सर ने उन्हें सख्त हिदायत दी थी कि “यह बच्चा सो रहा है, इसे बिल्कुल परेशान न करें।” अरविंद स्वामी ने कहा कि यह घटना सिखाती है कि एक सच्चा सुपरस्टार वही है जो दूसरों की सुविधा का सम्मान करे। आज के दौर में जहां एक्टर्स अपनी सुविधाओं को लेकर बेहद सख्त होते हैं, रजनीकांत की यह सादगी वाकई प्रेरणादायक है।






